अमेरिका और इजरायल के संयुक्त रूप से ईरान पर हमले जारी हैं और ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पलटवार कर रहा है. बीती रात से तेहरान में मिसाइलों और बम की जो बारिश हुई, वो आज से पहले ईरान ने कभी नहीं देखी होगी. आज रविवार (1 मार्च) को भी ईरान के शहरों पर अमेरिका और इजरायल मिलकर हमला कर रहे हैं. इसी बीच एक बार फिर से डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकाया है और अबतक का सबसे घातक हमला करने की बात कही है.
अब क्या बोले डोनाल्ड ट्रंपट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, पहले से कहीं ज़्यादा ज़ोरदार. पर मैं उनसे ये कहना चाहूंगा कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया तो हम उन पर ऐसा जोरदार हमला करेंगे,जो उन्होंने अबतक सोचा भी नहीं होगा. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.
इजराइल ने ईरान पर हमलों का कोडनेम शेर की दहाड़ (लायन रोर) रखा है जबकि अमेरिका ने अपने इस ऑपरेशन को एपिक फ्यूरी नाम दिया है. वहीं दूसरी ओर ईरान सेना ने जवाबी हमलों को खत्म-ए-तूफान का नाम दिया है.
अमेरिका-इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान के अलावा कौम, हाइफा, खोर्रमाबाद और इस्फहान पर भी मिसाइलें दागीं. ईरान सरकार के कुछ कार्यालयों पर भी हमला हुआ है. इसके जवाब में ईरान ने कुवैत, यूएई, बहरीन समेत कई देशों पर हमला किया, जहां-जहां यूएस बेस हैं.
ईरानी संसद के स्पीकर का बयानखामेनेई की मौत के बाद ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ का बयान आया. उन्होंने कहा है कि खामेनेई पक्के और वफादार थे. ईरान उनके रास्ते को मजबूती और पक्के इरादे के साथ जारी रखेगा. हम अमेरिका और इजरायली दुश्मन को बताना चाहते हैं कि आपने हमारी रेड लाइन पार की है और आपको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. हमारी सेनाओं ने सभी इजराइली दुश्मन सेंटर्स और US बेस पर हमला किया है और हमारा हमला जारी रहेगा. ईरान ने इस पल के लिए तैयारी कर ली है और हम कमांडर की शहादत के बाद भी उसी रास्ते पर चलते रहेंगे.
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