ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अपने सलाहकारों के साथ बैठक की पुष्टि के बाद इजरायल-अमेरिका ने हमले शुरू किए. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमले में खामेनेई को पहले निशाना बनाना जरूरी था. इससे यह आशंका जताई गई कि अगर ईरानी नेता को मौका मिला तो वह छिप सकते हैं.

इजरायली खुफिया एजेंसियों ने क्या बतायाअमेरिकी सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया कि खामेनेई के शनिवार शाम को तेहरान में बैठक करने की उम्मीद थी लेकिन इजरायली खुफिया एजेंसियों ने शनिवार सुबह ही बैठक का पता लगा लिया, जिसके बाद हमले को आगे बढ़ा दिया गया. हालांकि बैठक का स्थान तुरंत पता नहीं चल सका. लेकिन ऑपरेशन की शुरुआत में ही तेहरान स्थित खामेनेई के हाई सिक्योरिटी वाले परिसर पर हमला हुआ और सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों ने इसकी पुष्टि की कि ये नष्ट हो गया है. 

ईरान ने कहां-कहां हमले किएयह 46 साल के शिया-धार्मिक शासन में एक बड़ा निर्णायक मोड़ था, क्योंकि तेहरान की जवाबी कार्रवाई ने मिडिल ईस्ट के एक बड़े हिस्से में भीषण अशांति फैला दी. जैसे ही अमेरिका-इजराइल का हमला शुरू हुआ, तेहरान ने इजरायल, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन और कुवैत के खिलाफ ड्रोन और मिसाइलों की बौछार कर दी. 

आईआरजीसी ने खाई बदला लेने की कसमट्रंप ने वाशिंगटन में आधी रात के कुछ ही समय बाद और ईरान में दिन के समय ये हमला किया. ईरान ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए भीषण हमलों की कसम खाई है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने खामेनेई के हत्यारों को सजा देने की कसम खाई है और वादा किया है कि यह जवाबी कार्रवाई अमेरिका और इजरायल के खिलाफ इतिहास का सबसे भीषण कार्रवाई होगी.

आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम पेज पर जारी एक बयान में कहा, "उम्माह के इमाम के हत्यारों को कड़ी, निर्णायक और दर्दनाक सजा देने के लिए ईरानी राष्ट्र का प्रतिशोध उन्हें नहीं छोड़ेगा." ईरान सेना ने अपने जवाबी हमलों को खत्म-ए-तूफान का नाम दिया है.

ये भी पढ़ें

US-Israel Strike Iran: इजरायल-अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत, 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा, ईरानी मीडिया ने किया कंफर्म