अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी हिस्से में 5.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की कम गहराई पर था, जिसके कारण झटके अधिक तीव्र महसूस किए गए. भूकंप के झटके ईरान के साथ-साथ पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप से संबंधित क्षति का आकलन स्थानीय प्रशासन की तरफ से किया जा रहा है.
घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है. इसी कारण कुछ हलकों में परमाणु परीक्षण को लेकर अटकलें भी लगाई जा रही हैं. हालांकि, अब तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने भूकंप को परमाणु गतिविधि से जोड़ने की पुष्टि नहीं की है. भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस घटना के वैज्ञानिक आंकड़ों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि इसके प्राकृतिक या अन्य कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके.
ईरान में भूकंपीय गतिविधि का मतलब?
हालांकि विशेषज्ञ इस भूकंपीय गतिविधि को प्राकृतिक मान रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कुछ हलकों में अटकलें सामने आई हैं. ईरान में हाल के दिनों में रॉकेट परीक्षण और सैन्य गतिविधियों की खबरों के चलते हर भूकंप को अतिरिक्त सतर्कता के साथ देखा जा रहा है. बता दें कि अमेरिका ने ईरान के कई न्यूक्लियर साइट पर हवाई हमला किया था. बीते साल जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की थी, जिसे ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ नाम दिया गया. इस ऑपरेशन के तहत ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतान्ज और इस्फ़हान पर हवाई हमले किया था. इन हमलों में अमेरिका ने अपने बी-2 स्टील्थ बमवर्षक विमानों और टोमाहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल किया. बी-2 विमान अपनी रडार से बचने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, जिससे वे दुश्मन की हवाई सुरक्षा को चकमा देकर निशाना साध सकते हैं.
