ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच दावों की जंग अब भी जारी है. पाकिस्तान की ओर से भारत में बनी ऑपरेशन सिंदूर की डॉक्यूमेंट्री पर सवाल उठाए गए हैं. पाकिस्तान का कहना है कि इस डॉक्यूमेंट्री में घटनाओं को भारत के पक्ष में दिखाया गया है और कुछ बातों को चुनकर पेश किया गया है.

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हालांकि, इन दावों के बीच यह समझना जरूरी है कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दोनों देशों की आधिकारिक कहानी अलग-अलग है. भारत सरकार ने इसे आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई और सफल ऑपरेशन बताया है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था.

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पाकिस्तान ने डॉक्यूमेंट्री पर क्या कहा?

पाकिस्तान की ओर से आरोप लगाया गया है कि भारतीय डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन सिंदूर को बहुत ज्यादा नाटकीय तरीके से पेश किया गया है. पाकिस्तान का दावा है कि इसमें चुनिंदा इंटरव्यू, भावनात्मक कहानी और फिल्मी अंदाज में तैयार किए गए इमेज इस्तेमाल किए गए हैं. पाकिस्तान का यह भी कहना है कि डॉक्यूमेंट्री में 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले और 16 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान के सेना प्रमुख के भाषण के बीच संबंध दिखाने की कोशिश की गई है. पाकिस्तान इसे गलत और बिना आधार की कहानी बताता है.

ऑपरेशन सिंदूर कब शुरू हुआ था?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को  हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद 7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही थी.भारत के अनुसार, इस कार्रवाई का मकसद आतंकवादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना था, न कि पाकिस्तान के साथ व्यापक युद्ध शुरू करना.

विमानों के नुकसान पर दोनों देशों के अलग दावे

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय विमानों के नुकसान को लेकर भी दोनों देशों के दावे अलग रहे हैं. पाकिस्तान ने कई भारतीय विमानों को गिराने का दावा किया था. भारत ने शुरुआत में इस दावे को स्वीकार नहीं किया था. हालांकि, बाद में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने माना कि ऑपरेशन के शुरुआती चरण में भारत को हवाई नुकसान हुआ था. उन्होंने कहा था कि इसके बाद भारतीय सेना ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और आगे की कार्रवाई में गहरे इलाकों तक हमले किए.

सीजफायर कैसे हुआ?

भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक सैन्य तनाव और हमले जारी रहने के बाद 10 मई 2025 को दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी. भारत के आधिकारिक बयान के अनुसार, पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया था और दोनों देशों ने जमीन, हवा और समुद्र में सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई. दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इस घटनाक्रम को अपने तरीके से पेश किया और कहा कि उसकी सैन्य कार्रवाई ने भारत को संघर्ष रोकने के लिए मजबूर किया.

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया बड़ी सफलता

भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को सफल सैन्य अभियान बताया है. मई 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सैनिकों के अनुभवों पर आधारित एक किताब जारी की थी. सरकार ने कहा कि ऑपरेशन ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति को नई दिशा दी. भारत की ओर से यह भी कहा गया है कि अभियान के दौरान 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. हालांकि, युद्ध या सैन्य संघर्ष से जुड़े ऐसे आंकड़ों में दोनों पक्षों के दावे अलग हो सकते हैं और हर संख्या की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं होती.

ऑपरेशन सिंदूर पर डॉक्यूमेंट्री क्यों चर्चा में है?

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारत में एक डॉक्यूमेंट्री भी जारी की गई थी, जिसमें सैन्य अभियान की योजना, साइबर और अंतरिक्ष क्षमताओं तथा हमलों से जुड़ी जानकारी दिखाई गई. इसके अलावा डिस्कवरी ने अगस्त 2026 में 'Declassified: Operation Sindoor' नाम से दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज भी जारी की. इसमें भारतीय सैन्य अधिकारियों, सैनिकों और रक्षा विशेषज्ञों के अनुभव शामिल किए गए हैं.