Gurpatwant Singh Pannun Row: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार (1 अप्रैल) को कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में किसी सरकारी अधिकारी की संलिप्तता होने की जांच चल रही है क्योंकि इससे देश की सुरक्षा के हित भी जुड़े हैं. भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी के एक बयान के बारे में पूछे गए सवाल पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बयान दिया.

एरिक गार्सेटी ने कहा था कि किसी दूसरे देश के नागरिक की हत्या के प्रयास में एक सरकारी अधिकारी की संलिप्तता अस्वीकार्य है. डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी राजूदत अपनी सरकार की सोच या स्थिति के अनुसार जो सही होगा, वही कहेंगे. विदेश मंत्री ने कहा, 'मेरी सरकार की स्थिति यह है कि खासतौर से इस मामले में हमें कुछ सूचना मुहैया कराई गई है जिसकी हम जांच कर रहे हैं.' उन्होंने कहा कि इसमें भारत के खुद के सुरक्षा हित भी जुड़े हुए हैं.'

पन्नू की जांच चल रही, बोले एस. जयशंकरविदेश मंत्री ने कहा, 'इसलिए, जब भी हमें जांच के बारे में कुछ कहना होगा तो हमें इसके बारे में बात करके काफी खुशी होगी. अभी यह कहने के अलावा कुछ भी नहीं है कि इसकी जांच की जा रही है.' भारतीयों को नौकरी दिलाने का वादा कर रूस ले जाने के बाद उनके यूक्रेन संघर्ष में फंसने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर विदेश मंत्री एसय जयशंकर ने कहा कि भारत ने रूस सरकार के समक्ष बहुत मजबूती से इस मामले को उठाया है.

रूस में भारतीय युवकों के साथ धोखाधड़ी पर भी बोले जयशंकरजयशंकर ने कहा कि ‘हम इन सभी लोगों को सुरक्षित भारत वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं. पिछले महीने, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि रूसी सेना के साथ काम करने के लिए कई भारतीय नागरिकों के साथ धोखाधड़ी किए जाने के मामले को भारत ने रूस के समक्ष मजबूती से उठाया है ताकि उन लोगों की शीघ्र रिहाई हो सके.

उन्होंने भारतीय नागरिकों से अपील की थी कि वे रूसी सेना में सहायक नौकरियों के लिए एजेंट की ओर से दिए गए प्रस्तावों के बहकावे में न आएं क्योंकि यह जीवन के लिए खतरे और जोखिम से भरा है.

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