Glasgow Khalistan Row: ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी को खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में एक गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोक दिया गया था. इसके बाद ग्लासगो गुरु ग्रंथ साहिब गुरुद्वारा ने ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी से व्यक्तिगत रूप से माफी मांगी है.


ग्लासगो गुरुद्वारा समिति ने उच्चायुक्त को लिखे एक पत्र में आश्वासन दिया कि इस अप्रिय घटना में शामिल तीन व्यक्ति उनकी नियमित मंडली का हिस्सा नहीं थे और ग्लासगो में अल्बर्ट रोड पर सामुदायिक गुरुद्वारे के लिए अज्ञात थे. इसके बाद समिति ने उच्चायुक्त से दोबारा गुरुद्वारे का दौरा करने का अनुरोध किया है.


तीन चरमपंथियों में से दो की पहचान
भारतीय उच्चायुक्त पर हमला करने की कोशिश करने वाले तीन चरमपंथियों में से दो की पहचान शमशेर सिंह और रणवीर सिंह के रूप में की गई है, दोनों लंदन में रहते हैं. इनमें से रणवीर सिंह एक शूटिंग प्रैक्टिस रेंज में राइफल के साथ फोटो खिंचवा रहे थे और पंजाब के 12वें मुख्यमंत्री की हत्या की साजिश में शामिल बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकवादी जगतार सिंह हवारा की रिहाई की मांग वाली टी-शर्ट भी पहने हुए थे.



बेअंत सिंह की हत्या 31 अगस्त, 1995 को दिलावर सिंह बब्बर नामक शख्स ने की थी. उसने चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा सिविल सचिवालय में बेअंत सिंह की बुलेट प्रूफ कार को खुद के साथ उड़ा दिया था. इस आतंकी हमले में 17 लोगों की जान चली गई थी और 15 घायल हुए थे.


1992 बैच के IFS अधिकारी दोराईस्वामी
भारतीय उच्चायोग के 1992 बैच के IFS अधिकारी दोराईस्वामी अगस्त 2023 में समिति के निमंत्रण पर ग्लासगो गुरुद्वारा गए थे और इस महीने वो दोबारा गए थे. सिख कट्टरपंथी गतिविधि में बढ़ोतरी के बावजूद, दोराईस्वामी ने कम से कम चार गुरुद्वारों का दौरा किया है.


इस इलाके में सिख समुदाय के लोग भारतीय राजनयिक और उनके सहयोगियों के प्रति अच्छे हैं. इसके अलावा ग्लासगो गुरुद्वारा पहुंचने से पहले उच्चायुक्त दोरईस्वामी ने ग्लासगो में भारतीय मुस्लिम एसोसिएशन से मुलाकात भी की थी.


मंत्री ने पोस्ट कर जाहिर की चिंता
राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) मंत्री ऐनी-मैरी ट्रेवेलियन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह देखकर चिंतित हूं कि भारतीय उच्चायुक्त, विक्रम दोरईस्वामी को ग्लासगो में गुरुद्वारा समिति के साथ बैठक करने से रोक दिया गया है. विदेशी राजनयिकों की सुरक्षा अत्यंत महत्व का विषय है और ब्रिटेन में हमारे पूजा स्थल सभी के लिए खुले होने चाहिए.’’


ये भी पढ़ें:Pakistan Hafiz Saeed Son: पाकिस्तान में हाफिज सईद के बेटे के हत्या की खबर! 4 दिन से है लापता, ISI भी ढूंढने में नाकामयाब