Hamas Hostage Crisis: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में हमास की ओर से बंधकों की रिहाई को लेकर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने शुक्रवार (14 फरवरी)को कहा कि अगर शनिवार (15 फरवरी) दोपहर (स्थानीय समय) तक सभी बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो अंजाम भयानक होंगे. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा "अगर सभी बंधकों को समय सीमा तक नहीं छोड़ा गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे." उन्होंने ये भी कहा कि हमास की ओर से अब तक रिहा किए गए बंधकों की हालत चिंताजनक है और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है.
हाल ही में रिहा किए गए कुछ बंधकों की हालत देखकर ट्रंप ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि "मैंने पहले और बाद की तस्वीरें देखीं. कुछ लोग पहले हेल्दी और स्वस्थ दिखते थे, लेकिन अब वे बेहद कमजोर हो गए हैं. उनमें से एक व्यक्ति तो इतना बदल गया है कि ऐसा लगता है जैसे वह किसी भयंकर त्रासदी से गुजरा हो. "उन्होंने एक महिला बंधक का जिक्र करते हुए बताया कि उसकी उंगलियां उड़ चुकी थीं, क्योंकि उसने अपनी रक्षा के लिए हाथ उठाया था और गोली सीधे हाथ पर लग गई. ट्रंप ने कहा "यह अमानवीयता की हद है. हमास ने बंधकों को बेहद खराब स्थिति में रखा और उनके साथ क्रूरता की गई."
ट्रंप ने हमास की रणनीति पर उठाए सवाल
ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि पहले हमास ने बंधकों की रिहाई से पूरी तरह इनकार कर दिया था, लेकिन अचानक उसने अपने फैसले को बदलते हुए बंधकों को छोड़ने की घोषणा की. उन्होंने कहा "ये सब कुछ अचानक हुआ. पहले वे कह रहे थे कि वे किसी को नहीं छोड़ेंगे फिर दो दिन पहले उन्होंने कहा कि वे बंधकों को रिहा करेंगे." उन्होंने हमास की इस रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि शायद आतंकवादी संगठन सबसे स्वस्थ बंधकों को पहले रिहा कर रहा है ताकि बाकी बंधकों की दयनीय स्थिति छिपी रह सके. ट्रंप ने आगे कहा "अब तक जो लोग छोड़े गए हैं वे भी बेहद कमजोर नजर आ रहे हैं तो सोचिए कि जो अब तक नहीं छोड़े गए उनकी हालत कितनी खराब होगी."
हमास की आंशिक रिहाई पर ट्रंप ने जताई नाराजगी
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला इजरायल को लेना है. उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के फैसलों पर ध्यान देने की बात कहते हुए कहा "इजरायल क्या करेगा यह पूरी तरह से उस पर निर्भर करता है, लेकिन अगर ये मेरे ऊपर होता तो मैं बहुत कड़ा कदम उठाता." उन्होंने ये भी कहा कि हमास को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह आंशिक रिहाई से बच सकता है. उन्होंने कहा "बंधकों की रिहाई को टुकड़ों में नहीं बल्कि एक साथ किया जाना चाहिए. अगर सभी बंधकों को नहीं छोड़ा गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे."
हमास पर बढ़ सकता है अमेरिका-इजरायल का दबाव
ट्रंप ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि अगर सभी बंधकों को रिहा नहीं किया जाता तो हालात बेकाबू हो सकते हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा "अगर सभी बंधक नहीं लौटते तो उसके बाद हालात बदल जाएंगे और फिर जो होगा वह सबको दिखेगा." जब उनसे पूछा गया कि उनके कहने का मतलब क्या है तो उन्होंने कहा "समय आने पर आपको पता चल जाएगा. हमास को भी समझ में आ जाएगा कि मैं क्या कह रहा हूं." ऐसे में उनके इस बयान के बाद ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका और इजरायल की तरफ से हमास पर और ज्यादा दबाव डाला जा सकता है.
इजरायल ने 2,000 फिलिस्तीनी कैदी छोड़े
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार (14 फरवरी) को पुष्टि की कि हमास ने तीन इजरायली नागरिकों की रिहाई की जानकारी दी है. ये रिहाई इजरायल और हमास के बीच चल रहे कैदी विनिमय समझौते का हिस्सा है. अब तक इस समझौते के तहत 16 इजरायली और 5 थाई नागरिकों को छोड़ा गया है. इसके बदले इजरायल ने लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया है जिनमें कई आतंकवादी भी शामिल हैं जो हमलों के लिए उम्रकैद की सजा काट रहे थे.
इजरायली रक्षा बलों (IDF) के अनुसार 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा अगवा किए गए 251 बंधकों में से अब भी 73 गाजा में कैद हैं. इनमें से कम से कम 35 बंधकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या हमास ट्रंप की ओर से दी गई शनिवार (15 फरवरी) दोपहर की डेडलाइन का पालन करता है या नहीं.
