बांग्लादेश में हाल के दिनों में अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की घटनाओं ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है. इनमें सबसे चौंकाने वाली घटना मयमनसिंह जिले में अल्पसंख्यक हिंदू युवक दीपु चंद्र दास की हत्या रही, जो बांग्लादेश की कट्टरवादी भीड़ ने किया था. इन घटनाओं ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता पैदा की, बल्कि भारत में इस हफ्ते बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते भारत-बांग्लादेश के संबंधों में भी तनाव देखने को मिला.

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देश की सुरक्षा बेहद खराब स्थिति में है- चटर्जी

वहीं, बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल के प्रिसिडियम के सदस्य डीएन चटर्जी ने शनिवार (27 दिसंबर, 2025) को कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है. चटर्जी ने बांग्लादेश में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता भी जताई.

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उन्होंने कहा, ‘पूरी दुनिया बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति, खासकर हाल के दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से, वाकिफ है. राष्ट्रीय स्तर पर आपने देश के मुख्य मीडिया संस्थानों के दफ्तरों में तोड़फोड़-आगजनी, दीपु चंद्र दास की निर्मम हत्या और देश भर में ऐसी कई अन्य घटनाएं देखी हैं.’ उन्होंने देश में सुरक्षा हालात को बेहद खराब बताते हुए मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर इस अस्थिर स्थिति में निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया.

यूनुस सरकार देश की स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही- चटर्जी

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में डीएन चटर्जी ने कहा, ‘देश में सुरक्षा स्थिति अत्यंत दयनीय है, यह भयानक है. सरकार बहुत ही निष्क्रिय है और हालात को गंभीरता से नहीं ले रही है. सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है.’

उन्होंने यह भी कहा, ‘बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का दशकों से शोषण और उत्पीड़न होता रहा है, लेकिन उनकी दुख और तकलीफ पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. अगर मैं अल्पसंख्यकों की पूरी स्थिति का आकलन करूं, तो पूरा समुदाय हर तरह से परेशान और डरा हुआ है. वे पूरी तरह दहशत के माहौल में जी रहे हैं.’

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