Germany-Russia Relations:  जर्मनी (Germany) रूसी सरकार (Russian Government) के आलोचकों (Critics) के लिए नए सहमत मानदंडों के आधार पर देश में आने और रहने को तेज और आसान बना देगा. गृहमंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता (Human Rights Activists), एनजीओ (NGO) और जर्मनी से जुड़े नागरिक समाज समूहों के कर्मचारी, पत्रकार और शोधकर्ता, जिन्होंने यूक्रेन में युद्ध के खिलाफ रुख अपनाया, उनमें से हैं जो लंबे समय तक रहने के योग्य हैं.


'यह है इस कदम का उद्देश्य' 
प्रवक्ता ने कहा कि यह अनुमान लगाने का कोई विश्वसनीय तरीका नहीं है कि यह उपाय कितने लोगों को प्रभावित करेगा. इस कदम का उद्देश्य जर्मनी की वीजा प्रक्रिया में शामिल कुछ लालफीताशाही को हटाना और शेंगेन पर्यटक वीजा के तहत अनुमत 90 दिनों से अधिक समय तक ठहरने की गारंटी देना है.


रूसी हमले के खिलाफ बोलता रहा है जर्मनी 
बता दें जर्मनी यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर मॉस्को बड़ा आलोचक रहा है. पिछले हफ्ते ही 27 मई को जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन में युद्ध जीतने नहीं दिया जा सकता. उन्होंने रूसी ईंधन पर किसी भी तरह की निर्भरता को समाप्त करने का भी अपील की थी.


ओलाफ शोल्ज (olaf scholz) ने कहा कि न केवल यूक्रेन की प्रतिष्ठा दांव पर है बल्कि एक ऐसी प्रणाली जो कानून के अधीन है, हिंसा पर प्रतिबंध लगाती है और स्वतंत्रता, सुरक्षा और समृद्धि की गारंटी देती है, वह भी दांव पर है. जर्मन चांसलर (German Chancellor) ने स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक 2022 के अंतिम दिन अपने विशेष संबोधन में यह बात कही थी.


यह भी पढ़ें: 


Imran Khan Praises India: इमरान खान ने कहा- भारत और पाकिस्तान ने एक साथ आजादी हासिल की लेकिन...


Setback for China: चीन के मंसूबों को झटका, 10 प्रशांत राष्ट्रों के साथ व्यापक नए समझौते करने में रहा नकाम