अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले करीब छह महीने से ईरान के साथ पश्चिम एशिया में जारी युद्ध में अपने ताकत को बनाए रखने के लिए अब अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े युद्धपोतों की तैनाती करने जा रहे हैं. जिसकी वजह से अब अमेरिकी नौसेना को पश्चिमी प्रशांत महासागर क्षेत्र में तैनात अपने आखिरी एयरक्राफ्ट कैरियर को भी हटाना पड़ रहा है. इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा फायदा चीन का होने वाला है.

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पश्चिमी प्रशांत महासागर के क्षेत्र में अमेरिका अपनी ताकत को बनाए रखता था, जिससे वह उस इलाके में चीन के किसी भी सैन्य उपस्थिति न होने दे, लेकिन क्योंकि अब अमेरिकी नौसेना क्षेत्र में तैनात अपने आखिरी एयरक्राफ्ट कैरियर को भी दूसरी जगह शिफ्ट करने जा रहा है, ऐसे में चीन को प्रशांत महासागर के पश्चिमी इलाके में अपने पैर पसारने का मौका मिल जाएगा.

अमेरिका के कौन-सा एयरक्राफ्ट प्रशांत महासागर में है तैनात

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इस वक्त प्रशांत महासागर के इलाके में अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर USS जॉर्ज वाशिंगटन तैनात है, जो कि अब महासागर का इलाका छोड़कर मिडिल ईस्ट की तरफ अपनी गति कर रहा है, जहां वो पहले से तैनात USS अब्राहम लिंकन की जगह लेगा. बता दें कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पिछले आठ महीने से ज्यादा समय से मिडिल ईस्ट के इलाके में तैनात है, जो ईरान के खिलाफ जारी युद्ध और संघर्ष की स्थिति में अमेरिकी अभियानों को प्रभावशाली रूप से मदद पहुंचा रहा है. 

चीन के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है US की गैरहाजिरी

हालांकि, अमेरिका के इस कदम से पश्चिम प्रशांत महासागर के इलाके में अस्थायी रूप से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद नहीं होंगे, लेकिन अगर अमेरिकी नौसेना अगले कुछ महीनों में इस इलाके में किसी दूसरी एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात करती है, तो यह कमी महज कुछ ही वक्त के लिए होगी. वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमरेका के सहयोगियों और चीन के लिए प्रतीकात्मक रूप से काफी महत्व रखता है.

हडसन इंस्टिट्यूट में पूर्व नेवी सबमरीनर और डिफेंस एनालिस्ट ब्रायन क्लार्क ने एसोसिएटेड प्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘प्रशांत महासागर के क्षेत्र से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की अस्थायी गैरमौजूदगी चीन को अपनी ताकत में विस्तार करने का मौका देती है. बीजिंग इस समय का इस्तेमाल जापान, फिलीपींस और इंडोनेशिया समेत कई देशों को यह मैसेज देने के लिए कर सकता है कि चीन पश्चिमी प्रशांत महासागर के इलाके में एक प्रमुख सैन्य ताकत के रूप में उभर रहा है. 

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