चीन ने सोमवार (29 दिसंबर 2025) को ताइवान के अलगाववादी बलों के खिलाफ दंडात्मक और निवारक कार्रवाई के रूप में जलडमरूमध्य के मध्य क्षेत्रों में सैन्य अभ्यास शुरू किया. चीन ने यह अभ्यास अमेरिका द्वारा ताइपे को 11.1 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड मूल्य के हथियार बेचने की घोषणा के कुछ दिनों बाद किया. इन दो अभ्यासों में कई उन्नत लड़ाकू विमान, लंबी दूरी तक वार करने वाली तोपें और नौसैनिक जहाज शामिल हैं. ये अभ्यास ताइवान को लेकर जापान के साथ बढ़ते राजनयिक तनाव के बीच हुआ.
'ताइवान पर बीजिंग अपना दावा करता है'
बीजिंग, ताइवान पर अपना दावा करता है. चीन की सेना ने बताया, 'चाइनीज पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की पूर्वी थिएटर कमान सोमवार को ताइवान जलडमरूमध्य के मध्य क्षेत्रों में लड़ाकू विमानों, बम वर्षा और ड्रोन के साथ-साथ लंबी दूरी की तोपों से गोले दागकर अभ्यास कर रही है.'
'ताइवान के आसपास जोर-शोर से सैन्य अभ्यास कर रहा चीन'
साल 2022 में अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की तत्कालीन अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की ताइपे यात्रा के बाद से चीन ताइवान के आसपास पूरे जोर-शोर से सैन्य अभ्यास कर रहा है. यह इस तरह का छठा सैन्य अभ्यास है. इन अभ्यासों को व्यापक रूप से स्वशासित द्वीप ताइवान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के पूर्वाभ्यास के रूप में देखा जा रहा है, जिसे बीजिंग अपने मुख्य भूभाग का हिस्सा होने का दावा करता है.
चीन के प्रवक्ता लिन जियान ने क्या बताया?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये सैन्य अभ्यास, सैन्य शक्ति बढ़ाकर ताइवान की स्वतंत्रता चाहने वाले अलगाववादी बलों के खिलाफ दंडात्मक और निवारक कार्रवाई है. उन्होंने बताया कि यह युद्धाभ्यास चीन की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए एक आवश्यक कदम है.
लिन ने कहा कि चीन को राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने से कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि जो कोई भी इस मुद्दे पर सीमा पार करेगा या उकसावे वाली कार्रवाई करेगा, उसे चीन की ओर से कड़ा जवाब मिलेगा.
'जो सीमा लांघेगा उसे चीन से कड़ा जवाब मिलेगा'
जब लिन से पूछा गया कि क्या ये सैन्य अभ्यास अमेरिका द्वारा ताइवान को रिकॉर्ड तोड़ हथियार बेचने के जवाब में किए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा, 'जो कोई भी सीमा लांघेगा या इस मुद्दे पर उकसावे वाली कार्रवाई करेगा, उसे चीन की ओर से कड़ा जवाब मिलेगा.' ताइवान ने चीन के सैन्य अभ्यासों की निंदा करते हुए कहा कि बीजिंग पड़ोसी देशों को धमकाने के लिए सैन्य अभ्यासों का इस्तेमाल कर रहा है.