पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में हो रही हिंसा को रोक पाने में नाकामयाब होने का ठीकरा भारत के सिर पर फोड़ दिया है. वे आरोप लगा रहे हैं कि भारत की मदद से विद्रोही गुट बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बलूचिस्तान के अलग-अलग जिलों में हमले किए हैं. 

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द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार  बुधवार (4 फरवरी, 2026) को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बीएलए के हमलों में घायल लोगों से क्वेटा के अस्पताल में मुलाकात की. इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी उनके साथ थे. इस दौरान पाकिस्तानी सेना ने आसिम मुनीर को बलूचिस्तान के हालातों को लेकर ब्रीफिंग दी और भारत पर झूठे आरोप लगाए.

पीड़ितों से मिलकर आसिम मुनीर ने कहा कि हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों और उनके मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा. हमलों में शामिल एक-एक शख्स को सजा मिलेगी. पाकिस्तान के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार आसिम मुनीर को ब्रीफिंग देते हुए पाकिस्तानी सेना ने झूठा आरोप लगाया कि भारत समर्थित आतंकियों ने इन हमलों को अंजाम दिया है. हमलों के जरिए बलूचिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया.

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आईएसपीआर के बयान के अनुसार आसिम मुनीर के क्वेटा दौरे के दौरान बलूचिस्तान में सत्ता को और मजबूत करने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की गई. आसिम मुनीर ने इस दौरान यह भी कहा कि किसी भी वजह से हिंसा और आतंकवाद को सही नहीं ठहराया जा सकता है, ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा.

पिछले महीने बीएलए ने बलूचिस्तान में ऑपरेशन हेरोफ-2 लॉन्च किया था, जिसके तहत उसने एक साथ 14 शहरों में बड़े हमले किए इनमें फिदायीन हमले भी शामिल हैं. दो बलोच महिला फिदायीन की तस्वीरें भी बीएलए ने सोशल मीडिया पर जारी की थीं. बीएलए के इन हमलों में पाकिस्तानी सेना के 15 जवानों के मारे जाने की पुष्टि हुई है. कई जगहों पर पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को पोस्ट छोड़कर भागना भी पड़ा.