शांति-सुलह की कोशिशों, दावों और बयानों के इतर मिडिल ईस्ट में छिड़ा युद्ध और भीषण होता नजर आ रहा है. रविवार (5 अप्रैल) को भी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच ताबड़तोड़  हमले जारी हैं. जंग अब पड़ाव पर पहुंच चुकी है, जहां अमेरिका तेहरान के खिलाफ प्रहार और तेज करने की तैयारी कर रहा है. अब यूएस अपनी सबसे मारक और लंबी दूरी क्रूज मिसाइलों 'JASSM-ER' का जखीरा उतारने की तैयारी में है, जो बेहद खतरनाक हैं.

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'JASSM-ER' की खासियत

'JASSM-ER' क्रूज मिसाइलों की सबसे खास बात यह है कि दुश्मनों की रडार भी इसे पकड़ नहीं पाती है और यह सैकड़ों मील दूर से ही तबाही मचा सकती है. इनको हवाई सुरक्षा को चकमा देते हुए 600 मील से अधिक दूरी से लक्ष्यों पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह मिसाइल पायलटों को सीधे खतरे में डाले बिना दुश्मन के क्षेत्र में अंदर तक हमला कर सकती है.

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यूएस ने इन मिसाइलों के बड़े जखीरे का रुख प्रशांत महासागर में बने बेस से मिडिल ईस्ट की ओर कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, ईरान जंग शुरू होने के बाद केवल चार सप्ताह के भीतर ही अमेरिका 1 हजार से ज्यादा JASSM-ER मिसाइलें दाग चुका है. इस मिसाइल की एक यूनिट की अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख डॉलर (करीब 12.5 करोड़ रुपये) बताई जाती है.

कम हो रहा स्टॉक

'JASSM-ER'मिसाइलों की दोबारा तैनाती करने के बाद यूएस के भंडार में 425 मिसाइलें ही बाकी रह जाएंगी. युद्ध शुरू होने से पहले इनकी संख्या 2300 बताई जाती है. मौजूदा प्रोडक्शन रेट पर इन भंडारों को फिर से भरने में वर्षों लग सकते हैं. लंबी दूरी के हथियारों के भारी इस्तेमाल से दूर से हमले करने की सुविधा मिलने की वजह से सैनिकों के लिए जोखिम कम हुआ है, लेकिन इससे चीन जैसे प्रतिद्वंद्वियों के साथ संभावित संघर्षों के लिए रखे गए भंडार में भी भारी कमी आई है. 

हमलावर मिसाइल ही नहीं बल्कि बचाव के लिए इंटरसेप्टर में भी कमी आई है.  ईरान के बैलेस्टिक मिसाइलों और शाहेद ड्रोन अटैक से बचने के लिए हजारों की तादाद में पैट्रियट और थाड मिसाइलों की जरूरत है. अमेरिका-इजरायल की ओर से दावा किया जाता है कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को खत्म कर दिया है, लेकिन तस्वीर इससे अलग नजर आती है.  अमेरिका की हवाई ताकत के जवाब ईरान भी जवाब दे रहा है.

बीते दिनों अमेरिका का F-15E स्ट्राइक फाइटर जेट ईरान ने मार गिराया गया. एक A-10 अटैक जेट और रेस्क्यू के लिए निकले दो हेलीकॉप्टर भी ईरानी अटैक की चपेट में आ गए.  इसके अलावा ईरान ने अब तक अमेरिका के 12 से ज़्यादा MQ-9 रीपर ड्रोन भी तबाह कर दिए हैं.