टेक्सास: अमेरिका में टेक्सास के एक स्कूल में हुई गोलीबारी को अंजाम देने वाला नाबालिग लड़का करीब 30 मिनट तक स्कूल के भीतर रहा और अपने मंसूबे पूरे करता रहा. घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति आर्ट क्लास के दरवाजे में गोली दागते हुए भीतर घुसा जिससे खिड़की का शीशा टूट गया. घबराए हुए छात्र उसे अंदर आने से रोकने के लिए मेन गेट के पास पहुंच गए.

अधिकारियों ने बताया कि 17 साल के दिमित्रिओस पगाउटिज नाम के लड़ने ने इसके बाद फिर दरवाजे पर गोली चलाई जो कि एक छात्र के सीने में जा लगी. उसके आरोपी 30 मिनट तक स्कूल में रूका रहा. इस घटना में एक पाकिस्तानी लड़की समेत सात छात्र और दो टीचर्स की मौत हो गई.

फर्स्ट इअर के स्टुडेंट एबेल सेन मिगुअल ने अपने दोस्त क्रिस स्टोन को दरवाजे पर दम तोड़ते हुए देखा. मिगुअल को भी बाएं कंधे पर चोट आई है. खास बात है कि इस गोलीबारी के दौरान कुछ छात्रों ने मरने का नाटक कर के खुद को बचा लिया. मिगुअल नाम के स्टुडेंट ने बताया , “हम जमीन पर तितर-बितर पड़े हुए थे."

गालवेस्टन काउंटी के जज मार्क हेनरी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि शुक्रवार को हुए हमले में 30 मिनट तक लगातार गोलियां चली हों. सुरक्षा बलों का कहना है कि उन्होंने बंदूकधारी पर जल्द ही काबू पा लिया था लेकिन घटना के दौरान मौजूद लोगों का कहना है कि आरोपी शख्स 30 मिनट तक वहां मौजूद था.

एक अन्य छात्रा ब्रियाना क्विंटेनिला ने कहा कि वह बेहद डर गई थी और उसे लगा कि वह अब कभी अपने परिवार के पास नहीं लौट पाएगी. वहीं घटना के बाद पहली बार बयान जारी करने वाले आरोपी शख्स पगाउटिज के परिवार का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि पगाउटिज ऐसा काम कर सकता है. वे इस घटना के बाद से सदमे में हैं.

वहीं इस गोलीबारी में साबिका शेख नाम की एक पाकिस्तानी बच्ची की भी मौत हो गई. वो यूथ एंड स्टडी प्रोग्राम के तहत अमेरिका में पढ़ने आई थी. अमेरिका विदेश मंत्री माइक पेाम्पियो ने घटना पर शोक व्यक्त किया है.