लखनऊ: क़ुदरत की तबाही से यूपी में अब तक 70 लोगों की जान जा चुकी है. इसे लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर करारा निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "सीएम को कर्नाटक का चुनाव प्रचार छोड़कर तुरंत यूपी वापस आना चाहिए था. जनता ने उन्हें अपने प्रदेश की समस्याओं के समाधान के लिए चुना है, ना कि कर्नाटक की राजनीति के लिए. इन हालातों में भी अगर वो वापस नहीं आते हैं, तो फिर वो हमेशा के लिए अपना मठ वहीं बना लें."
अखिलेश यादव ने आंधी तूफान में लोगों की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों की मदद करने की अपील भी की है.
वहीं कर्नीटक के सीएम सिद्धारमैया ने भी ट्वीट कर योगी पर तंज किया है. उन्होंने कहा, “आंधी तूफान में मारे गए लोगों के परिवारवालों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. मैं दुखी हूं लेकिन आपके सीएम की यहां ज़रूरत है. मुझे उम्मीद है वे जल्द ही लौट कर यूपी में अपना काम शुरू करेंगे.”
योगी सरकार ने केंद्र से मांगी 153 करोड़ की मदद
बुधवार की रात को राज्य के कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई. कुछ जगहों पर ओले भी पड़े. आंधी तूफान से आगरा में जान माल का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. ताज नगरी में 43 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 35 घायल हुए हैं. बिजनौर और कानपुर देहात जिलों में तीन तीन लोगों की जान गई है. योगी सरकार ने केंद्र से 153 करोड़ 43 लाख रूपए की आर्थिक मदद मांगी है.
इस मामले में केन्द्रीय कृषि मंत्रालय को चिट्ठी भेज दी गई है. हर मृतक के घरवालों को 4 लाख रूपये का मुआवज़ा देने का एलान किया गया है. प्रभावित इलाकों में राहत का सामान बांटने के आदेश दिए गए हैं. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में राज्य के कई इलाक़ों में आंधी तूफान के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया है.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने फ़ोन पर ही सीनियर अफ़सरों से हालात के बारे में जानकारी ली. आगरा में कमिश्नर और डीएम ने मौके पर जा कर राहत और बचाव काम का जायजा लिया. राहत आयुक्त संजय कुमार ने सभी जिलों के डीएम को चिट्ठी लिख कर जान माल के नुकसान का ब्यौरा मांगा. योगी सरकार ने आंधी तूफान से बेहाल हुए लोगों को हर तरह की मदद का भरोसा दिया है. गेहूं और दसहन की फ़सल कट चुकी है. इसीलिए किसानों को बहुत नुक़सान नहीं हुआ है.
