पटना: बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर के आश्रयगृह (शेल्टर होम) में एक महिला (संवासिन) की मौत हो गई. वहीं, दो संवासिन लापता बताई जा रही हैं. आश्रय गृह में संवासिन के गायब होने और मौत होने पर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है. पुलिस के अनुसार, राजीव नगर स्थित नेपाली नगर के आश्रयगृह के एक संवासिन को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार की रात उसकी मौत हो गई.
पीएमसीएच के अधीक्षक राजीव रंजन प्रसाद ने आज बताया, "आश्रय गृह में रहने वाली अनामिका (27) को गुरुवार को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, साथ ही उसके शरीर में खून की कमी थी. शुक्रवार रात उसकी मौत हो गई."
दो संवासिन लापता हुईं इस बीच, यहां से दो संवासिन भी गायब हो गई हैं, जिसकी रिपोर्ट राजीव नगर थाने में दर्ज कराई गई है. राजीव नगर के थाना प्रभारी रोहन कुमार ने बताया कि आश्रयगृह संचालक ने दो महिलाओं के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. उन्होंने कहा कि आश्रयगृह और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है.
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर साधा निशाना इधर, आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने शनिवार को ट्वीट कर लिखा, "पटना के आसरा गृह कांड में पांच बड़े रंगीन अधिकारी संलिप्त है. नीतीश जी में नैतिक बल नहीं कि लड़कियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे नैतिक भ्रष्ट अधिकारियों को बर्खास्त कर सकें. अगर उन्होंने ऐसा किया तो ये अधिकारी इनका काला चिट्ठा खोल दुशासनी कुर्सी गंगा में फेंक देंगे."
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, "पटना के कुख्यात आसरा आश्रय गृह से दो और लड़कियां गायब. एक की मौत. सुरक्षा बंदोबस्त के बाद कैसे गायब हुई? प्रतीत होता है बेलगाम पुलिस और समाज कल्याण विभाग ने लड़कियों के शोषण और तस्करी का कॉन्ट्रैक्ट लिया हुआ है. चंद दिन पूर्व इसी आसरा गृह की दो युवतियों की संदिग्ध मौत हुई थी."