नई दिल्ली: जहां सरकार एक तरफ बच्चों की अच्छी शिक्षा व्यवस्था देने पर जार दे रही है वहीं दूसरी तरफ गाजियाबाद के स्कूल के हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं. यहां सरकारी स्कूलों की व्यवस्था आज भी जस की तस बनी हुई है पहले भी कई बार हमने सरकारी स्कूलों से जुड़ी खबर दिखाई है लेकिन आज की खबर चौंकाने वाली इसलिए है कि जो बच्चे यहां पढ़ने जाते हैं उनसे बेलदारी (मजदूरी) का काम कराया जाता है.

यह हम नहीं बोल रहे हैं यह तस्वीरें बोल रही हैं और तस्वीरें इस बात की गवाह है कि यह बच्चे जो कि कल हमारे देश का भविष्य है वह आज मजबूर है केवल इस वजह से क्योंकि उनकी तरफ सरकारी व्यवस्था फेल नजर आ रही है. इसी वजह से इन बच्चों को बेलदारी करनी पड़ रही है.

दरसल घटना बड़ी और चौकाने वाली इसलिए है क्योंकि जहां की ये घटना है वह पास में स्कूल बेसिक शिक्षा अधिकारी का ऑफिस भी है उसके बावजूद भी टीचर बच्चों से बेलदारी करा रहे हैं.

जब हमने टीचर से इस बारे में सवाल किया तो उनका कहना था कि बच्चे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है जिसकी वजह से वो खुद ही ये काम करने लगा. टीचर का इस तरह का बयान भी अपने आप में चकित करने वाला है. देखा जा सकता है कि कैसे ये अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं.

जो बच्चे इस स्कूल में पढ़ने के लिए आते हैं उनसे यहां कुछ और ही काम कराया जा रहा था. आलम ये था कि वहां 2 मजदूर काम कर रहे थे और बच्चों से ईंटें दिलवाई जा रही थी. गाजियाबाद में सरकारी स्कूल में बच्चों से काम कराए जाने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं.

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