चंदौली: चंदौली के पड़ाव क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी अवधेश यादव उर्फ दीपू भी पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए. बीते मंगलवार को ही वे यहां से ड्यूटी पर वापस गए थे. गुरुवार शाम जब हमले में उनके शहीद होने की खबर आई तो गांववालों ने परिवार से इस खबर को छिपाए रखा. उनकी शहादत की खबर मिलते ही इलाके के लोग उनके घर पर जुटने लगे थे. बहादुरपुर के रहने वाले हरिकेश बहादुर के बेटे अवधेश वर्ष 2006 में सीआरपीएफ की 145वीं बटालियन में भर्ती हुए थे. वे चार भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं. उनकी मां मां मालती देवी कैंसर से पीड़ित हैं. मां घर के आगे लगी भीड़ को लेकर सशंकित हो जाती हैं. बार-बार वे अवधेश के घर का नाम दीपू लेकर पुकारती हैं. अब कौन कराएगा आयुष का इलाज, शहीद रमेश ने कहा था- लौट कर डॉक्टर को दिखाउंगा मां को अब भी उम्मीद है कि बेटा जब वापस लौटेगा तो कैंसर का इलाज करवाएगा. अवधेश की शादी तीन साल पहले चंदौली के सैयदराजा इलाके के पूरवा गांव की रहने वाली शिल्पी से साथ हुई थी. उनका 2 साल का एक बेटा निखिल है. मासूम निखिल भी घर के आगे लगी भीड़ को देखकर रोने लगता है. पत्नी शिल्पी पति की शहादत की खबर पाकर बार-बार बेहोश हो जाती हैं. जैसे ही होश आता है वे अपनी सास और बेटे को संभालने की असफल कोशिश करती हैं. दोपहर में पत्नी ने फोन पर की थी बात, रात में आई शहीद होने की खबर गुरुवार को हुए आतंकी हमले के बाद ही आशंकाओं से घिरे छोटे भाई बृजेश ने अवधेश के मोबाइल पर कॉल किया तो वह स्विच ऑफ बता रहा था. इसके बाद बृजेश ने उनके साथियों को कॉल की तो उन्हें बताया गया कि परेशान न हों, हो सकता है अवधेश घायल हों. हालांकि शाम तक सीआरपीएफ की तरफ से जारी शहीदों की नाम की लिस्ट में अवधेश का नाम भी शामिल था. लेकिन उनके शहीद होने की अधिकारिक जानकारी शुक्रवार सुबह सीआरपीएफ हेडक्वार्टर से उनके पिता हरिकेश को मोबाइल पर दी गई. शामली के दो बेटों ने दिया सर्वोच्च बलिदान, परिजन बोले- फक्र है वहीं अवधेश के घर पर हाथों में तिरंगा लेकर एकत्र हुए आक्रोशित ग्रामीण पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं. अवधेश के पिता और इलाकाई लोगों ने पीएम मोदी से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कश्मीर से धारा 370 हटाने की मांग की है. देर शाम तक अवधेश का पार्थिव शरीर चंदौली पहुंचने की उम्मीद है. देवरिया और महराजगंज के भी दो लाल शहीद, गांव-घर में पसरा मातमप्रयागराज के शहीद महेश के पिता चलाते हैं ऑटो, मासूम बच्चे पूछ रहे- कहां हैं पापापुलवामा हमले में यूपी के 12 जवान शहीद, योगी बोले- बेकार नहीं जाएगा बलिदान