मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने बुधवार को सिकंदरपुर स्थित एक श्मशान घाट से कंकाल बरामद कर उसे फोरेंसिक जांच के लिए अपने साथ ले गयी. इससे घटना के कई राज खुलने की संभावना जताई जा रही है.

मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रह रही लड़कियों में से एक ने आरोप लगाया था कि वहां के कर्मचारियों द्वारा उनके एक साथ रह रही एक लड़की की हत्या कर उसे बालिका गृह परिसर में दफना दिया गया था. इस आरोप पर पुलिस ने जुलाई में परिसर के अंदर खुदवाई करायी थी लेकिन कुछ भी संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई.

ऐसा माना जा रहा है कि इस मामले में गिरफ्तार विजय से प्राप्त जानाकारी पर सीबीआई ने महाकाल-महाशक्ति मंदिर के पीछे खुदाई करवाया. विजय इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ काम करता था.

मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा राज्य सरकार को सौंपी गयी सामाजिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई के दौरान ब्रजेश ठाकुर द्वारा संचालित मुजफ्फरपुर बालिका गृह में लडकियों के यौन शोषण किए जाने का मामला प्रकाश में आया था. ब्रजेश और पूर्व सामाजिक कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा के बीच घनिष्ठ संबंध होने का आरोप लगने पर मंजू को भी गत अगस्त महीने में मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

मामले की रिपोर्टिंग करने पर एक समय पटना हाई कोर्ट ने पूरी तरह से रोक लगा दी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस रोक को हटा लिया. हालांकि, कोर्ट ने मीडिया को आगाह किया कि वो ज़िम्मेदारी से काम करे. पीड़िताओं का न इंटरव्यू लिया जाए, न उनकी पहचान किसी तरह उजागर न की जाए.

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