पटना: आरजेडी में टूट और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफे पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि यह तो ट्रेलर है, बहुत जल्द थोक के भाव में विधानसभा सदस्य भी एनडीए का दामन थामेंगे.
पांडेय ने कहा कि मंगलवार को घटी इस दल-बदल की घटना से न सिर्फ आरजेडी, बल्कि महागठबंधन के नेता भी सकते में हैं. ऐसे नेता अपने आशियाने की जुगत में एनडीए से लगातार संपर्क में हैं. कल तक महागठबंधन के साथी दल आरजेडी को आंखें दिखा रहे थे, लेकिन अब तो आरजेडी के घर में ही बगावत का बिगुल बज चुका है.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो आगामी चुनाव से पहले ही सूबे से आरजेडी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा. अभी तो सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की कुर्सी खतरे में है, चुनाव बाद इनके पुत्र तेजस्वी यादव को भी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी नसीब नहीं होगी.
मंगल पांडेय ने कहा कि आरेजडी के माननीय सदस्यों को एनडीए के 15 वर्षों के शासनकाल का परिणाम सामने दिख रहा है. पाला बदलने वाले विधान परिषद के सदस्यों ने माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा जताया और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर धनबल और बाहुबल को तरजीह देने की बात कही.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विधान पार्षदों के टूटने के डर से आरजेडी इस कदर बौखलाई हुई है कि आज ही विधानमंडल की बैठक बुला ली है. आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने धन-दौलत के बल पर हमारे पांच विधान पार्षद तोड़ लिए, लेकिन वह यह क्यों नहीं बताते कि तेजस्वी की कार्यशैली से उनके जैसे वरिष्ठ नेता और उनकी पार्टी के अधिकांश माननीय खुश नहीं हैं. दो दिन पूर्व ही आरजेडी के समर्पित नेताओं ने अपने को उपेक्षित मान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर हंगामा कर संकेत दे दिया था कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद आरजेडी का क्या हश्र होने वाला है.
मंगल पांडेय ने कहा कि हमेशा संविधान और सुशासन की दुहाई देने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव में अगर थोड़ी बहुत भी नैतिकता बची है तो वह पहले अपनी माताजी से विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दिलवाएं, क्योंकि विधानमंडल के उच्च सदन में उनकी कुर्सी के लिए जगह नहीं है. विधान परिषद के माननीय सभापति भी यह संकेत दे चुके हैं कि सदन में संख्या बल की कमी है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं माना जा सकता. इसके लिए 10 फीसदी सदस्य अनिवार्य हैं.
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफे पर कहा कि आरजेडी में कई सीनियर लीडर घुटन महसूस कर रहे हैं. ऐसे नेताओं को पार्टी के अंदर जो सम्मान मिलना चाहिए, वह नहीं मिल रहा है. तेजस्वी यादव के नेतृत्व से ऐसे नेता न सिर्फ आहत हैं, बल्कि दूसरे दरवाजे पर दस्तक दे अपनी संभावना तलाश रहे हैं.
यह भी पढ़ें:
मुंबई: मजदूरों के पलायन ने उड़ाए ठेकेदारों के होश, वापस बुलाने के लिए भिजवा रहे विमान टिकट
