पासपोर्ट कर्मचारी का दावा- निकाहनामे में नाम सादिया और फाइल में तन्वी, अनस बोला- मुझे धर्म चेंज करने को कहा था
एबीपी न्यूज़ | 21 Jun 2018 02:56 PM (IST)
लखनऊ की एक महिला ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को टैग कर ट्वीट किया कि पासपोर्ट ऑफिस कर्मचारी ने उनके साथ बदतमीजी की है. मामले ने तूल पकड़ा तो कर्मचारी का ट्रांसफर कर दिया गया और जांच शुरू कर दी गई.
लखनऊ: लखनऊ की एक महिला ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को टैग कर ट्वीट किया कि पासपोर्ट ऑफिस कर्मचारी ने उनके साथ बदतमीजी की है. मामले ने तूल पकड़ा तो कर्मचारी का ट्रांसफर कर दिया गया और जांच शुरू कर दी गई. पासपोर्ट ऑफिस ने माफी भी मांग ली. लेकिन इस हाई वोल्टेज मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इन सवालों का जवाब जानने के लिए पहले हम आपको ये पूरा मामला समझाते हैं. क्या है पूरा मामला तन्वी सेठ ने 20 जून दोपहर दो बजे एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा," हैलो मैम, मैं ये ट्वीट लिख रही हूं न्याय और आप में विश्वास के साथ.... अपने दिल के गुस्से और दुख के साथ... क्योंकि लखनऊ के पासपोर्ट ऑफिस में मिस्टर विकास मिश्रा ने ऐसा ही व्यवहार किया है." दूसरे ट्वीट में अपनी बात को पूरा करते हुए उन्होंने लिखा,"क्योंकि मेरी शादी एक मुस्लिम से हुई और मैंने कभी अपना नाम नहीं बदला. उन्होंने (विकास ने) मेरे साथ तेज आवाज में खराब तरीके से बात की जिसे दूसरे लोगों ने भी सुना. इससे पहले मैंने इतना पीड़ित कभी महसूस नहीं किया था." उन्होंने लिखा,"सुषमा मैम, मैंने कभी नहीं सोचा था कि पासपोर्ट ऑफिस जैसी जगह पर नागरिकों की मॉरल पुलिसिंग की जाएगी. उन्होंने मेरा और मेरे पति का पासपोर्ट होल्ड पर रखा है. ये बेहद असंतोषजनक है. मैं इस बात ये शॉक्ड हूं." तन्वी ने लिखा,"मेरी शादी को 12 साल हो गए. मैंने खुद को कभी इतना बेइज्जत महसूस नहीं किया. ये मेरा निजी मामला है कि मैं शादी के बाद किस नाम से पहचानी जाऊं. ये मेरा पारिवारिक मसला है. उन्होंने कहा कि शादी के बाद नाम बदलवाना आपकी ड्यूटी थी." ट्वीट से मच गया बवाल तन्वी के ये ट्वीट लखनऊ पासपोर्ट ऑफिस पर जैसे बम बन कर गिरे. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई और संबंधित पासपोर्ट ऑफिस कर्मचारी विकास मिश्रा का ट्रांसफर कर दिया गया. पासपोर्ट ऑफिस की ओर से मामले पर खेद जताया गया. रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर पीयूष वर्मा ने कहा,"संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस दिया गया है. दंपत्ति को पासपोर्ट इश्यू कर दिया गया है. साथ ही एक रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को भी भेज दी गई है." हिन्दू-मुस्लिम में फंसा पासपोर्ट? दरअसल तन्वी के कागजातों में एक कागज निकाहनामे का था जिसमें उनका नाम सादिया हसन था. इसी बात पर पासपोर्ट ऑफिस की ओर से ऑब्जेशन किया गया था. हालांकि पासपोर्ट ऑफिस की ओर से कहा गया कि जो कागज मांगे गए थे उनकी आवश्यकता ही नहीं थी. पासपोर्ट ऑफिस की ओर से बताया गया कि पिछली प्रक्रिया में मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत होती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं होता है. धर्म का पासपोर्ट के साथ कोई लेना-देना नहीं होता. पीड़ितों का बयान अनस ने बताया,"मेरा रिन्यू होना था पासपोर्ट और मेरी वाइफ का फ्रेश पासपोर्ट था. पहले तो उन्होंने कहा था कि आप लोगों का काम आराम से हो जाएगा, ये कोई ऐसा पहला मामला नहीं है. आपको केवल एक एप्लीकेशन लिखनी पड़ेगी." अनस ने कहा,"मेरे से विकास ने कहा कि आपकी पत्नी का नाम तन्वी सेठ है तो आप फेरे लीजिए, मंत्र पढ़िए, धर्म चेंज करिए. आपका पासपोर्ट का काम तभी हो पाएगा. मैंने कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने मेरा काम नहीं किया. फिर मुझे दोबारा बुलाया गया था. आज मेरा काम हो गया." तन्वी ने कहा,"आज सब कुछ बहुत अच्छा रहा, हमारा काम हो गया. मैं बस यही कहना चाहती हूं कि जैसा हमारे साथ कल हुआ वैसा किसी के साथ नहीं होना चाहिए." आरोपी का बयान आरोपी पासपोर्ट कर्मचारी विकास मिश्रा ने कहा कि जो कागज एप्लीकेंट देते हैं उन्हें एक पोर्टल पर अपलोड किया जाता है. इन कागजों के आधार पर निर्णय लेना होता है कि पासपोर्ट दिया जाना चाहिए अथवा नहीं. मैंने केवल इतना कहा कि आप निकाहनामा में अपना नाम जो दिखा रही हैं उसे फाइल में दिखाएं. इसके लिए उन्होंने मना कर दिया." उन्होंने कहा,"कल को कोई भी शख्स किसी भी नाम से पासपोर्ट बनवा लेगा तो क्या ये देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं होगा. वो नोएडा में रहती हैं, पासपोर्ट बनता है पुलिस रिपोर्ट के आधार पर. मेरी कोई बात उनके पति के साथ नहीं हुई. अगर कोई बात होती तो मैं उन्हें अपने अधिकारियों के पास क्यों भेजता." उन्होंने कहा,"देखिए मैंने खुद अंतरजातीय विवाह किया है, मैं हर धर्म के लोगों के साथ उठता-बैठता हूं. धर्म के आधार पर मैंने ये किया कहना गलत है. मैरिज सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है लेकिन अगर उन्होंने इसे दिखाया तो इसे फाइल में भी होना चाहिए था. अगर वे निकाहनामा नहीं दिखातीं तो मुझे कैसे पता चलता कि उनके निकाहनामे में सादिया हसन लिखा हुआ है." विकास ने कहा,"वो नोएडा से छुट्टी लेकर आई थीं, वो अपना काम एक ही दिन में कराना चाहती थीं इसलिए उन्होंने ये सब किया है." नहीं दिखाया निकाहनामा- तन्वी हालांकि तन्वी का दावा है कि उन्होंने विकास मिश्रा को अपना निकाहनामा नहीं दिखाया था. सपोर्ट के लिए तन्वी ने पासपोर्ट ऑफिस और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का धन्यवाद दिया.