नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के एक दिन पहले बीजेपी की सहयोगी लोकजनशक्ति पार्टी ने दलितों के खिलाफ अत्याचार पर कानून के मूल प्रावधानों को बहाल करने के लिए एक विधेयक लाने की मांग की. पार्टी ने केंद्र से इस समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कदम उठाने को कहा. मानसून सत्र कल शुरू होगा और 10 अगस्त को खत्म होगा.
एलजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने एनडीए की बैठक में इन मुद्दे पर बातचीत की. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गठबंधन के दूसरे नेताओं ने शिरकत की. रामविलास पासवान के बेटे और पार्टी सांसद चिराग पासवान ने दिन में सर्वदलीय बैठक में इन कदमों की हिमायत की.
चिराग पासवान ने कहा कि एससी/एसटी (अत्याचार रोकथाम) कानून पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश से कानून कमजोर हो गया है. सरकार को इससे निपटने के लिए तुरंत एक संशोधन विधेयक लाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक और आदेश से प्रमोशन में इन समुदायों के लिए ‘आरक्षण थम’ गया है और मुद्दे से निपटने के लिए सरकार को संविधान संशोधन का रास्ता अख्तियार करना चाहिए.
एलजेपी नेता ने सरकार से यूजीसी का एक सर्कुलर वापस लेने पर जोर दिया जिससे समुदायों के लिए आरक्षण वाली सीटें कम हो गयी है. पार्टी के नेताओं ने कहा कि रामविलास पासवान ने भी एनडीए की बैठक में इन मुद्दों को उठाया.
