पटना: कोरोना वायरस को देखते हुए बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर डॉक्टर से लेकर सभी कर्मचारियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया है. कोरोना वायरस के रोकथाम और उपाय के लिए विशेष निगरानी की जरूरत को देखते हुए ये फैसला लिया गया है. 22 मार्च को बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को तत्काल स्थगित कर दिया गया है.

राज्य के सभी नियमित और कॉन्ट्रैक्ट पर चिकित्सा पदाधिकारी से लेकर निदेशक प्रमुख तक, मेडिकल कॉलेज़ के प्रिंसिपल/सुपरिंटेंडेंट से लेकर जूनियर रेजिडेंट तक और निदेशक, विशेष चिकित्सा संस्थान साथ ही राज्य के सभी स्वास्थ्य कर्मियों, संविदा नियोजित सहित, स्वास्थ्य प्रशिक्षक, पारा मेडिकल्स, जीएनएम एएनएम, ऑपरेशन सहायक, लैब टेक्नीशियन, सभी चतुर्थ श्रेणी इत्यादि का सभी प्रकार की छुट्टी (अध्ययन अवकाश एवं मातृत्व अवकाश को छोडंकर) को तत्काल प्रभाव से तत्काल 31 मार्च 2020 तक रद्द किया गया है. जो चिकित्सा पदाधिकारी/स्वास्थ्य कर्मी छुट्टी पर हैं उन्हें अविलंब अपने काम पर लौटने का निर्देश जारी किया है.

आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना से बचाव के लिए कुछ फैसले लिए. मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से संबंधित तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. राज्य में साढ़े 8 करोड़ लोगों के पास मोबाइल है, उसके माध्यम से और दूसरे संचार माध्यमों से इस बीमारी के संबंध में जानकारी दी जा रही है. इस वायरस को लेकर सरकार की पूरी तैयारी है और इसके लिए जरुरी उपाय भी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में विदेश से आने वाले लोगों का पटना और गया एयरपोर्ट पर अच्छे से स्क्रीनिंग कराएं.

31 मार्च तक सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है. सरकारी स्कूल के शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहना होगा. सीबीएसई की जो परीक्षा करायी जा रही है, वो होते रहेंगे. लोकल लेवेल पर, स्कूल लेवेल पर, यूनिवर्सिटी लेवेल पर होने वाली परीक्षाओं को स्थगित करने का अनुरोध किया जाएगा.

सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की राशि की गणना कर सीधे उनके खाते में 31 मार्च से पहले राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी. आंगनबाड़ी केंद्र भी 31 मार्च तक बंद रहेंगे और वहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के खाते में भोजन की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी. आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाएं मिलती रहेंगी.

22 मार्च को बिहार दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को तत्काल स्थगित कर दिया गया है और इसके आयोजन पर अप्रैल माह में निर्णय लिया जा सकता है. खेल संबंधित होने वाले आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी स्थगित रहेंगे. सभी प्रकार के आयोजन स्थलों की बुकिंग रद्द कर दी गई है. राज्य के सभी पार्कों, चिड़ियाघर और म्यूजियम भी 31 मार्च तक बंद रहेंगे.

कार्यालय में भी भीड़भाड़ कम करने पर विचार किया जा रहा है. अल्टरनेट व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है. बिहार में 142 मरीजों को ऑबजर्वेशन में रखा गया था, जिसमें से 73 को डिस्चार्ज कर दिया गया है. अब तक कोई भी केस कन्फर्म नहीं हुआ है.

इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्क्रीनिंग और सख्त किया जा रहा है. वहां पर 49 मेडिकल कैंप खोले गए हैं. इंडो-नेपाल सीमा पर आवागमन पर पुख्ता चेकिंग के अलावा मेडिकल चेकिंग भी की जाएगी. सरकारी अस्पतालों में 100 अतिरिक्त वेंटिलेटर की व्यवस्था की जा रही है.

इस वायरस के टेस्टिंग की व्यवस्था आरएमआरआई हॉस्पीटल के साथ-साथ अब एम्स, पीएमसीएच, आईजीआईएमएस में भी की गई है. 31 मार्च तक बिहार के सभी सिनेमा हॉल भी बंद रहेंगे. मुख्य सचिव ने कहा कि लोग पब्लिक गैदरिंग से बचें, अपने घर में ही रहने की ज्यादा कोशिश करें क्योंकि इस वायरस के संक्रमण से तेजी से बीमारी फैलती है.