लखनऊ: लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन के पास दो होटलों में हुए अग्निकांड की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. पुलिस ने घटना के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं. गौरतलब है कि अग्निकांड में पांच लोगों की जान चली गई थी. लखनऊ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि जिन दो होटलों में आग लगी थी, उन्हें और दो अन्य होटलों (कुल चार होटलों) को सील कर दिया गया है. सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि चार होटल विशेष अभियान चलाकर सील किये गए. इनमें आग की लपेट में आने वाले दो होटल भी शामिल हैं. पुलिस अधीक्षक (लखनऊ पश्चिम) विकास चंद त्रिपाठी ने कहा, 'हमने पंकज और राजकुमार नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एक होटल प्रबंधक है, जबकि दूसरा सुरक्षा गार्ड है. एफआईआर में दोनों ही होटलों के मालिकों, प्रबंधकों और डयूटी पर मौजूद रहे सुरक्षा गार्डों को नामजद किया गया था.' पंकज होटल विराट में सुपरवाइजर है जबकि राजकुमार एसएसजे इंटरनेशनल होटल का गार्ड है. अग्निकांड के समय दोनों डयूटी पर थे. इस बीच, जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान हो गई है. इनमें कानपुर की मेहर, पुणे के संतोष माने, अलीगढ के प्रियांश शर्मा, और पटना के गणेश प्रसाद शामिल हैं. हालांकि, एक महिला के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है. उल्लेखनीय है कि दोनों होटलों में आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई थी जबकि चार अन्य जख्मी हो गए थे. पुलिस ने बताया कि आग चारबाग की दूध मंडी स्थित दो होटलों में सुबह छह बजे के आसपास लगी. स्टाफ सहित दोनों ही होटलों से 55 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था. दमकल की 15 गाडियों ने खासी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.