लखनऊ: यूपी में अब बिजली के दाम बढ़ गए हैं. यानि अब आपका बिजली का बिल काफी बढ़ने वाला है. घरेलू बिजली की दरों में आठ से 12 फीसदी तक इजाफा किया गया है. दो साल के बाद बिजली के रेट बढ़ाए गए हैं. इससे पहले साल 2017 में बिजली के दाम बढ़े थे.
सरकार पिछले काफी वक्त से बिजली के दाम बढ़ाने पर विचार कर रही थी. प्रति यूनिट के रेट 60 पैसा तक बढ़ा दिए गए हैं. किसानों को दी जाने वाली बिजली के रेट भी करीब 15 फीसदी बढ़ गए हैं. किसानों को 100 यूनिट तक 3 रुपये प्रति यूनिट भी देना होगा.
यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया," उत्तर प्रदेश बीजेपी सरकार द्वारा बिजली की दरों को बढ़ाने को मंजूरी देना पूरी तरह से जनविरोधी फैसला है. इससे प्रदेश की करोड़ों खासकर मेहनतकश जनता पर महंगाई का और ज्यादा बोझ बढे़गा व उनका जीवन और भी अधिक त्रस्त व कष्टदायी होगा. सरकार इसपर तुरन्त पुनर्विचार करे तो यह बेहतर होगा."
इस पर यूपी के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ट्वीटर पर मायावती को टैग करते हुए लिखा- बहन मायावती जी, ये सपा-बसपा के पाप रहे कि भ्रष्टाचार बढ़ता गया और बिजली कंपनियां भारी घाटे में चली गईं. सपा-बसपा के कार्यकाल में सिर्फ दरें बढ़ती थीं. भाजपा के कार्यकाल में दरें कम और बिजली आपूर्ति के घंटे ज्यादा बढ़े हैं.
उन्होंने आगे लिखा- सरकार ने बढ़ती दरों से गरीब को मुक्त रखा है. पूर्व सरकारों की आर्थिक अनियमितताओं के चलते मजबूरीवश कुछ श्रेणियों की बिजली दरों में आंशिक बढ़ोतरी करनी पड़ी है. अब जिलों को 24, तहसील को 20 और गांव को 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है. पूर्व सरकारों में कोई रोस्टर नहीं था. बिजली सिर्फ चहेते जिलों को ही नसीब होती थी.
श्रीकांत शर्मा ने लिखा- 2016-17 में पीक डिमांड 16,500 मेगावाट थी जिसे पूर्व सरकार पूरा नहीं कर पा रही थी. अब 21,950 मेगावाट की डिमांड पूरी हो रही है. ग्रिड की क्षमता बढ़ाई जा रही है. 66,320 किलोमीटर की जर्जर लाइन बदलने पर तेजी से काम हो रहा है.