पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना संक्रमण के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि ये वायरस पूरी दुनिया का संकट है. इससे डरने की जरूतत नहीं है बल्कि सचेत होना है तभी हम सुरक्षित रहेंगे. उन्होंने कहा कि मुंगेर में एक कोरोना पॉजिटिव की मौत हो गई. उससे 11 लोग प्रभावित हुए. इसलिए इससे सचेत रहना है. बाहर से आए लोगों को अलग रखने की बात हो रही है, इसे देखकर लगता है कि लोगों में जागृति आई है. गांव से लोगों के फोन आ रहे हैं.
नीतीश कुमार ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन का एलान किया है, इसको समझना चाहिए. सारी चीजों का आकलने करने के बाद अगर प्रधानमंत्री की तरफ से कोई बात कही जाती है तो उसे समझना चाहिए. हमने होली में कछ नहीं किया. सब कुछ स्थगित कर दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना उन्मूलन कोष का गठन कर दिया गया है. जो बिहार के बाहर हैं उनकी भी मदद करेंगे. सीएम रिलीफ फंड से सौ करोड़ रुपये आपदा प्रबंधन में दे दिया गया है. जिनती और जरूरत होगी दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ विभाग पर भरोसा रखें. डॉक्टर्स लगे हुए हैं. सारे लोग मेहनत कर रहे हैं. इलाज की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी. केंद्र के द्वारा भी कई योजनाएं शुरू की गई है उससे भी लाभ पहुंचाया जा रहा है.
नीतीश कुमार ने राज्य के सभी डीएम और पुलिस अधीकक्षकों से कहा कि अगर उनके पास कोई राय हो तो जरूर उसे सामने रखें ताकि उसपर काम किया जा सके. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि लॉकडाउनका पालन करें और बिना किसी वजह से घरों से बाहर न निकलें. अगर जरूरी काम है तो कई सारे लोग एक साथ न जाएं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्यों से आए लोगों को उनके गांव तक पहुंचा दिया गया है. उनका खयाल भी रखना है. जिस तरह से आपदा में सभी की मदद की जाती है उसी तरह इसमें भी मदद की जाएगी. बिहार एक गरीब राज्य है, फिर भी हमलोगों के पास जो कुछ है उसके जरिए मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.
