पटना: बिहार में सोमवार रात हुई आंधी-बारिश से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली लेकिन आंधी और आकाशीय बिजली गिरने से राज्य में 19 लोगों की मौत हो गई है. बिहार के गया, कटिहार और औरंगाबाद में सबसे ज्यादा तबाही हुई है. आज मौसम विभाग ने बिहार के अलग-अलग हिस्सों में तूफान की संभावना जताई है.
आंधी-तूफान और वज्रपात से गया में 5, औरंगाबाद में 5, मुंगेर में 4, कटिहार में 3 और नवादा में 2 लोगों की मौत हो गई है. इस आफत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संवेदना व्यक्त की, अनुग्रह अनुदान उपल्ब्ध कराने का निर्देश दिया.
नालंदा में चल रहे मलमास मेले पर भी तूफान का असर
बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में चल रहे मलमास मेले पर भी तूफान और बारिश का असर देखने को मिला है. रात में आई आंधी की वजह से कई पंडाल गिर गए हैं. वहीं कई अस्थायी दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. इधर, तेज हवा की वजह से कई घरों के छप्पर उड़ गए हैं जबकि कई घरों को नुकसान पहुंचा है. कई फूस की झोपड़ियां नष्ट हो गई हैं.
वहीं गया में खिजरसराय प्रखंड में तीन गांवों में तीन लोगों की मौत हो गई और तीन लोग जख्मी हुए हैं. खिजरसराय प्रखंड के रौनिया गांव में तेज आंधी से घर की दीवार गिर जाने से एक महिला की मौत हो गयी. तीन घायल हो गए. घायलों को खिजरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है.
औरंगाबाद में बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत
औरंगाबाद में बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई. इनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं. ये घटनाएं दाउदनगर, पौथु, रफीगंज और बंदेया थाना क्षेत्रों में घटी हैं. सभी मृतक खेतों में काम कर रहे थे और मवेशियों को चराने निकले थे.
कटिहार में तीन लोगों की मौत
कटिहार में विनाशकारी तूफान ने 3 लोगों की जान ले ली. कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया वहीं 50 साल पुराना बरगद का एक पेड़ जड़ से उखड़ गया. दो बच्चे घायल भी हुए हैं, जिनका स्थानीय सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है.
कटिहार के गोशाला के समीप पाकिस्तान टोला में बरगद का पेड़ गिरने से सिज्नी देवी की मौत हो गई, वहीं कटिहार के कोढ़ा प्रखंड के मधुरा में 10 साल की काजल कुमारी और भीखन ऋषि की मौत हो गई.
