पटना: बिहार की सियासत में सब कुछ तेजी से बदल रहा है. जेडीयू ने पहले बीजेपी नेताओं से नीतीश कुमार को 'बड़ा भाई' मनवाया, फिर चहरे को लेकर बयानबाजी कर उनका नाम स्वीकार करवाया. लेकिन ये दोनों बातें सिर्फ बिहार के नेताओं ने माना है. केंद्रीय नेताओं खासकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी ने कभी कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. 26 जुलाई को बीजेपी के साथ सरकार के एक साल पूरे हो जाएंगे. अब सबको नीतीश के अगले कदम का इंतज़ार है.
पिछले सोमवार को जब एनडीए गठबंधन पर सवाल उठा तो नीतीश कुमार ने साथ सरकार चलाने की बात कही. उन्होंने कभी नहीं कहा कि एनडीए में हैं और आगे भी रहेंगे. यानी जेडीयू और बीजेपी के बीच खाई गहरी हो रही है. जेडीयू नेता सीटों के बंटवारे पर खुलकर तो नहीं कह रहे थे पर बीजेपी की ओर से कोई पहल न देखकर जेडीयू ने भी सीधा राह चलने का मन बना लिया है.
बिहार के उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने एनडीए नेताओं से लोकसभा सीटों के बंटवारा जल्द किए जाने की अपील की है. आज एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए जय कुमार सिंह ने ये भी कहा कि जब नीतीश जी को बीजेपी ने बड़ा भाई मान लिया है तो सीटों में भी वो दिखनी चाहिए. जय कुमार सिंह ने ये जता दिया कि बीजेपी के शीर्ष नेताओं की चुप्पी एनडीए के लिए ठीक नहीं है.
इससे पहले बीजेपी के प्रेदेश महामंत्री राजेन्द्र सिंह ने सासाराम में 22 सिटिंग सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा ठोक दिया था. इसके जवाब में जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने भी सभी चालीस सीटों पर चुनाव लड़ने की चुनौती दे दी. ऐसे में दोनों ओर से सीटों के बंटवारे को लेकर आंखें तरेरी जा रही हैं. आठ जुलाई को दिल्ली में जेडीयू की नेशनल कार्यकारिणी की बैठक है और बीस जुलाई से बिहार विधान सभा का सत्र शुरु होने वाला है.
