नई दिल्ली: बिहार से बड़ी सियासी खबर आई है. जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है. यानि अब प्रशांत किशोर को पार्टी में नंबर दो की पोजीशन मिली है. इस जिम्मेदारी के लिए प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार की विकास की विचारधारा और बिहार के प्रति वे प्रतिबद्ध हैं. 16 सितंबर को उन्होंने नीतीश कुमार की मौजूदगी में जेडीयू की सदस्या ग्रहण की थी.

प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, ''जदयू और पार्टी के नेतृत्व का इस ज़िम्मेदारी और सम्मान के लिए हृदय से आभार। नीतीश जी की न्याय संग विकास की विचारधारा और बिहार के प्रति मैं प्रतिबद्ध हूँ.''

2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए प्रशांत किशोर ने काम किया था. 2014 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली की तख्त तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. इसके बाद 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू के लिए इन्होंने चुनावी रणनीति तैयार की. 'बिहार में बहार हो, नीतीशे कुमार हो' जैसे नारे गढ़े और नीतीश के नेतृत्व में जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस महागठबंधन की सरकार बनी.

इस चुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. हालांकि ये सरकार काफी दिनों तक नहीं चली. प्रशांत किशोर ने 2017 में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए रणनीति तैयार की थी. हालांकि उसे कोई खास सफलता नहीं मिली.

कहा जा रहा था कि जेडीयू में शामिल होने के बाद प्रशांत किशोर बिहार में एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर जेडीयू की तरफ से बातचीत करेंगे. हालांकि उसी दौरान बीजेपी सूत्रों ने कहा था कि प्रशांत किशोर सीट शेयरिंग की बातचीत में शामिल नहीं होंगे.