पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सूचना एवं जन-सम्पर्क सचिव अनुपम कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक जितेन्द्र कुमार, स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह और आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव एम रामचन्द्र टुडू ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी.

आपदा राहत केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई

सूचना एवं जन-सम्पर्क सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि लोगों को हर स्तर पर कोरोना से राहत देने के लिये कई कदम उठाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आपदा राहत केन्द्रों की संख्या बढ़ायी गई है. अब इनकी संख्या 108 हो गयी है.

पहले से अधिक संख्या में लोग आपदा राहत केन्द्र पर लाभान्वित हो रहे हैं और उनकी संख्या लगभग 80 हजार हो गयी है. उन्होंने कहा कि अब स्कूल (पंचायत) स्तर पर 1,040 क्वॉरंटाइन केन्द्र कार्यरत हैं, जिसमें 8,488 लोग रह रहे हैं. इन सभी लोगों को भोजन, आवासन और चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है.

प्रवासी मजदूरों मदद की जा रही है

अनुपम कुमार ने बताया कि बिहार के लोग जो बाहर फंसे हुए हैं, वे लोग मुख्यमंत्री सचिवालय, आपदा प्रबंधन विभाग एवं बिहार भवन के स्थानिक आयुक्त के कार्यालय में फोन कर अपनी मुश्किलें बता रहे हैं. अब तक 79,286 कॉल/मैसेज प्राप्त हुए हैं. उनसे फीडबैक लेकर उनकी परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. लॉकडाउन के कारण बिहार के जो लोग विहार के बाहर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं, उन्हें प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये की राशि दी जा रही है.

लॉकडाउन का नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई

अपर पुलिस महानिदेशक जितेन्द्र कुमार ने बताया कि लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जा रहा है. अब तक 1,281 एफआईआर दर्ज की गयी है और 1,100 लोगों की गिरफ्तारियां हुई है. 30,186 वाहन जब्त किये गये हैं. अब तक इससे कुल 7 करोड़ 87 हजार 500 रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है. उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जायेगा.

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