पटना: बिहार एनडीए सीट बंटवारे को लेकर मचा हुआ घमसान तेज हो गया है. कल बिहार के मुख्यमंत्री और बिहार बीजेपी के कद्दावर नेता सुशील मोदी ने ट्वीट करते हुए इशारों-इशारों में उपेंद्र कुशवाहा पर गठबंधन धर्म के विपरीत आचरण करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद आरएलएसपी के मुखिया कुशवाहा ने सुशील मोदी पर पलटवार करते हुए उन्हें सृजन घोटाले पर भी बोलने की नसीहत दे डाली.

कल सुशील मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, "बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरेंद्र भाई मोदी की विश्वसनीयता और गरीबों, दलितों-पिछड़ों-अतिपिछड़ों के विकास में उनकी गहरी दिलचस्पी को देखकर 2014 में जनता ने एनडीए को भारी सफलता दिलायी. सभी घटक दलों ने मिलकर जनता की सेवा करते हुए देश को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दिया, लेकिन कुछ लोगों को अपने बारे में इतनी गलतफहमी हो गई है कि वे लगातार गठबंधन धर्म के विपरीत आचरण महागठबंधन के चार्जशीटेड नेताओं तक से मेल-मिलाप में लगे हुए हैं."

सुशील मोदी के इस ट्वीट का जवाब देते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, "महोदय, बिलकुल सच कहा आपने, हमारे प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने तो देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की हर संभव कोशिश की. मगर, जरा, सृजन घोटाले पर भी तो कुछ बोलिए?

इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट करते हुए इशारों-इशारों में तंज कसते हुए लिखा, "कई लोग राजनीतिक पिछ्लग्गू होते है. छपास रोग से पीड़ित, मिजाज़ से अवसरवादी व घोर सत्तापरस्त. इनकी उपयोगिता सहयोगी पार्टी/नेता का भोंपू के तौर पर बखूबी होता है. ऐसे लोग मच्छर की भाँति खून पीकर अपनी ही पार्टी में मलेरिया-डेंगू फैलाते है और अपना वजूद जिन्दा रखते हैं."

कल हुई आरएलएसपी की बैठक में पांच प्रस्ताव पास किए गए जिनमें सबसे पहले नीतीश कुमार के नीच वाले बयान की निंदा करते हुए उनसे माफी मांगने के लिए कहा गया था, साथ ही बिहार में सम्मानजनक सीट बंटवारे के लिए बीजेपी को 30 नवंबर तक की डेडलाइन दी गई. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो एनडीए के लिए 'खतरनाक स्थिति' पैदा हो जाएगी.

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