लखनऊः महाभारत में आपने देखा होगा कि किस तरह से अभिमन्यु ने चक्रव्यूह का रहस्य मां के पेट में ही जान लिया था. उसी जानकारी के आधार पर उसने चक्रव्यू को तोड़ा था लेकिन बाहर नहीं निकल पाया था. कारण कि उसकी मां सो गई थी. अब इसी बात को हकीकत करने के लिए यानी गर्भ में शिशु को संस्कार देने के लिए फैजाबाद के अयोध्या में स्थित अवध विश्वविद्यालय के योगा विभाग में एक कोर्स की शुरुआत की जाएगी.
कोर्स में लोग गर्भवती महिलाओं को सांस्कृतिक और संस्कारी शिक्षा देकर उनके गर्भ में पल रहे बच्चे को संस्कारवान बनाया जाएगा. राम वल्लभा कुंज के राजकुमार दास ने कहा कि हम अपने बच्चों को वैसा ही बना सकते हैं जैसा उसे संस्कार दिया जाए. अगर उन्हें संस्कारी बनाना होगा तो आसपास इसी तरह का माहौल बनाना होगा.
गर्भ में बच्चों को संस्कार को लेकर अवध विश्वविद्यालय के उप कुलपति एसएन शुक्ला ने बताया कि 3 महीने का कोर्स है जिसमें उन महिलाओं शिक्षा दी जाएगी जिनके गर्भ में शिशु है.
कैसे दी जाएगी शिक्षा
एसएन शुक्ला ने कहा कि रामायण महाभारत या किसी भी तरह के कॉम्पटिशन की तैयारी के बारे में उनको बताया पढ़ाया और समझाया जाएगा. महिलाओं के आसपास वैसा ही माहौल तैयार किया जाएगा जिससे कि पेट में पल रहे उनके बच्चों पर असर डाले.
अवध यूनिवर्सिटी में योग डिपार्टमेंट की एक्सपर्ट गायत्री वर्मा ने इस संबंध में पूरी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किस तरह से और कैसे यह सब चीजें संभव होगी. वहीं जिला महिला अस्पताल में तैनात लेडी डॉक्टर वंदना सिंह ने कहा कि हम जैसा एक्टिविटी करते हैं वह हमारे बच्चों पर असर डालता है.
उन्होंने कहा कि अगर हम तनाव में रहते हैं तो बच्चे तनावग्रस्त हमेशा रहते हैं और अगर हम आसपास अपने धार्मिक माहौल या खुशी का माहौल बना दे तो बच्चे उस मानसिकता के होते हैं.