इलाहाबाद : यूपी बोर्ड दसवीं और बारहवीं के बोर्ड इम्तहान के टॉपर्स की कॉपियां इंटरनेट पर अपलोड कर उसे सार्वजनिक करने के अपने वादे पर चालीस दिन बाद भी अमल नहीं कर सका है. बोर्ड ने रिजल्ट जारी करते वक्त दसवीं और बारहवीं दोनों के दस-दस टॉपर्स की कॉपियां एक हफ्ते में सार्वजनिक करने का एलान किया था, लेकिन पांच हफ्ते से ज़्यादा का वक्त बीतने के बाद भी टॉपर्स की कॉपियां अभी तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई हैं. इसे लेकर अब तमाम सवाल उठने शुरू हो गए हैं. आरोप लग रहा है कि अपनी लापरवाहियों और गड़बड़ियों को छिपाने के लिए बोर्ड कॉपियां सार्वजनिक करने से बच रहा है.
टॉपर्स की कॉपियां अपलोड होंगी या नहीं या फिर कब होंगी, इस बारे में बोर्ड के ज़िम्मेदार अफसर चुप्पी साधे हुए हैं और कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं. बोर्ड की इस वायदाखिलाफी पर इसलिए भी सवाल उठना लाजिमी है क्योंकि इम्तहान में कॉपियों की चेकिंग के बाद नंबर देने के लिए बनाई गई ओएमआर शीट और स्टूडेंट्स को जारी मार्कशीट के नंबरों में आए बड़े फर्क के बारे में बोर्ड अभी तक कोई जवाब नहीं दे सका है.
अफसरों को अंदेशा है कि कॉपियां अपलोड होते ही तमाम तरह के विवाद खड़े हो सकते हैं वैसे यूपी बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़ बोर्ड अब फिलहाल इस साल के टॉपर्स की कांपियां सार्वजनिक नहीं करने जा रहा है, क्योंकि अफसरों को अंदेशा है कि कापियां अपलोड होते ही तमाम तरह के विवाद खड़े हो सकते हैं. तमाम परीक्षार्थी उसी तरह के उत्तर लिखे होने का दावा करते हुए अपने नंबर बढ़ाने की मांग कर सकते हैं. बोर्ड के खिलाफ तमाम मुक़दमे दाखिल किए जा सकते हैं. वैसे स्टूडेंट्स से लेकर टीचर्स और पैरेंट्स से लेकर दूसरे लोगों को कांपियां अपलोड होने का बेसब्री से इंतजार है.
यूपी बोर्ड इस बार टॉपर्स की कापियां सार्वजनिक कर दूसरे स्टूडेंट्स को प्रेरणा दिलाना चाहता था
दरअसल यूपी बोर्ड इस बार टॉपर्स की कापियां सार्वजनिक कर दूसरे स्टूडेंट्स को प्रेरणा दिलाना चाहता था. बोर्ड की मंशा थी कि दूसरे बच्चे टॉपर्स की कापियों से सीख लेकर उनके जैसा बेहतर करने की कोशिश करें. लेकिन ओएमआर शीट और मार्कशीट के नंबरों में फर्क आने पर मचे कोहराम पर बोर्ड अब बैकफुट पर आ गया है. दरअसल यूपी बोर्ड खुद भी इस बात से पूरी तरह आश्वस्त नहीं है कि टॉपर्स की कापियों का सही मूल्यांकन हुआ होगा.
यूपी बोर्ड में चल रहा है कांपियों की स्क्रूटनी का काम
ऐसे में विवादों से बचने के लिए बोर्ड कांपियां अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर उसे सार्वजनिक करने से बचना चाहता है. इस बारे में यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि इन दिनों कापियों की स्क्रूटनी का काम चल रहा है. उसके ख़त्म होने के बाद इस बारे में नए सिरे से विचार किया जाएगा. दूसरी तरफ स्टूडेंट्स के अभिभावकों का कहना है कि अगर बोर्ड ने ईमानदारी से काम किया है तो उसे फिर हिचक क्यों हो रही है.