US Agrees waive oil Sanctions : अमेरिका और ईरान में बात बनती हुई नजर आ रही है, जो दुनिया के लिए एक बड़ी खबर है. ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर जवाब दिया है. वॉशिंगटन तेल पर लगी रोक हटाने पर सहमत हो गया है. ट्रंप इस रोक को अस्थायी रूप से हटाने को लेकर सहमत हो गए हैं. 

Continues below advertisement

इससे पहले ईरान ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान को अपना 14 सूत्रीय प्रस्ताव सौंपा था. इसके बाद कथित तौर पर तैयार नए बातचीत के ढांचे में ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने के लिए अमेरिका सहमत हो गया है. इस पूरे मामले की पुष्टी ईरान के सेमी गवर्नमेंट न्यूज एजेंसी तसनीम ने की है. यह न्यूज एजेंसी IRGC से जुड़ी हुई है. 

इस रिपोर्ट में एक राजनयिक करीबी सूत्र का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि यदि इस कदम की पुष्टी की जाती है, तो अमेरिका प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे प्रस्तावों से एक बदलाव का संकेत है. रॉयटर्स की मानें तो ईरानी अधिकारियों ने इस बात पर फिलहाल किसी तरह का कमेंट नहीं किया है कि अमेरिका ईरानी तेल प्रतिबंधों को हटाने के लिए सहमत हुआ है या नहीं.

Continues below advertisement

ईरान को लेकर सूत्रों ने क्या बताया है? 

इधर, एक सीनियर ईरानी सूत्र ने रॉयटर्स को जानकारी दी है कि अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और प्रतिबंधों को लेकर बातचीत में सीमित लचीलापन दिखाया है. अमेरिका ने ईरानी फंड का सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा अलग-अलग चरणों में जारी करने पर सहमति जताई है. तेहरान अपनी पूरी संपत्ति और प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहा है. 

यह भी पढ़ेंUS Iran War: अब खत्म हो जाएगा युद्ध? ईरान ने अमेरिका को भेजा संशोधित प्रस्ताव, क्या मानेंगे ट्रंप?

इसके अलावा ईरान के संशोधित प्रस्ताव में स्थायी संघर्ष विराम, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने और परमाणु प्रोग्राम से जुड़ी बातचीत को अन्य चरणों के लिए टालने की मांग की है. अमेरिका और इजरायल के अधिकारी संघर्ष विराम के बाद से अबतक के सबसे जोरदार सैन्य तैयारियां कर रहे हैं. उन्हें इस बात का डर है कि ईरान पर हमले इसी हफ्ते फिर से शुरू हो सकते हैं. 

ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद अभी भी अनसुलझे

ईरानी मीडिया तसनीम न्यूज के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद अभी भी अनसुलझे हैं. ईरान का कहना है कि अमेरिका अभी भी अवास्तविक मांगें कर रहा है. ईरान संघर्ष समाप्त करने, जब्त की गई ईरानी संपत्तियों की पूरी वापसी और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए मुआवजे की मांग पर अडिग रहेगा. ईरान ने किसी भी युद्ध-समाप्ति समझौते को परमाणु प्रतिबद्धताओं से जोड़ने से भी इनकार किया और अमेरिकी परमाणु मांगों को राजनीतिक बहाना बताया है.

यह भी पढ़ें: Viral Video: रेलवे ट्रैक पर फंसे बच्चों के बचाने के लिए मां ने मौत को भी दी मात, वीडियो देख निकल जाएगी चीख