India Fuel Prices: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागरिकों से अपील की है कि वे गैर जरूरी खर्चों को कम करके विदेशी मुद्रा को बचाने में मदद करें. जैसे-जैसे ईंधन की कीमतें घरों के बजट और अर्थव्यवस्था पर असर डाल रही हैं कई लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि आखिर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कौन तय करता है? साथ ही इसे लेकर पाकिस्तान में क्या व्यवस्था है? आइए जानते हैं क्या हैं इन सवालों का जवाब.

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भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कौन तय करता है? 

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा तय की जाती हैं. इस प्रक्रिया में शामिल मुख्य कंपनियां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पैट्रोलियम हैं. यह कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रा विनिमय दरों के आधार पर ईंधन की कीमतों में बदलाव करती हैं.

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भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर 2010 में पेट्रोल की कीमतों को और 2014 में डीजल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त कर दिया था. इसका मतलब था कि सरकार ने रोजाना ईंधन की कीमतें तय करने पर अपना सीधा नियंत्रण हटा लिया. 

डायनेमिक डेली प्राइसिंग सिस्टम 

भारत में अभी डायनेमिक डेली प्राइसिंग मॉडल के तहत काम होता है. इस सिस्टम के तहत तेल विपणन कंपनियां हर दिन सुबह 6:00 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा करती हैं और उन्हें अपडेट करती हैं.  बदली हुई कीमतें मुख्य रूप से दो बड़ी वजहों पर निर्भर होती हैं. अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें और भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच एक्सचेंज रेट. 

अगर दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है या फिर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है तो भारत में ईंधन की कीमतें आमतौर पर बढ़ जाती हैं. 

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पाकिस्तान में फ्यूल की कीमत कैसे तय होती है? 

भारत के अनियंत्रित सिस्टम के उलट पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सीधे तौर पर सरकार कंट्रोल करती है. पाकिस्तान में फ्यूल की कीमतों की समीक्षा आमतौर पर हर हफ्ते या फिर 15 दिन में की जाती है. यह इंटरनेशनल तेल बाजार के हालात पर निर्भर करता है. यह प्रक्रिया ऑयल ऐंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी से शुरू होती है.  यह अथॉरिटी ग्लोबल कच्चे तेल की दरों, इंपोर्ट लागत, एक्सचेंज रेट और अरब गल्फ प्लेट्स जैसी बेंचमार्क कीमतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित फ्यूल कीमतों का हिसाब लगाती है. 

पाकिस्तान सरकार लेती है अंतिम फैसला 

अपनी गणना पूरी करने के बाद  ऑयल और गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी अपनी सिफारिश पाकिस्तान के पेट्रोलियम डिवीजन और पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय को भेजती है. इसके बाद प्रधानमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार फ्यूल की कीमतों पर अंतिम फैसला लेती है.  मंजूरी के बाद वित्त मंत्रालय एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करके पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों का ऐलान करता है.

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