पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और डीके शिवकुमार सरकार में शहरी विकास मंत्री यतीन्द्र सिद्धारमैया ने हिन्दू राष्ट्र की जो परिभाषा दी है, उससे विवाद खड़ा हो गया है. मंगलवार को कर्नाटक के बीदर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होती है तो उससे दमनकारी व्यवस्था वापस लौट आएगी. उन्होंने BJP का नाम न लेते हुए कहा कि हमें हिंदू राष्ट्र के जरिये दमनकारी व्यवस्था वापस लाने की कोशिश कर रही सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ना होगा.
धर्म का कर रहे इस्तेमालयतींद्र सिद्धारमैया ने कहा- 'अगर भारत हिंदू राष्ट्र बनता है तो इससे दमनकारी व्यवस्था वापस आ जाएगी. इसीलिए सांप्रदायिक ताकतें हमें दबाने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रही हैं और हमें इसके खिलाफ लड़ना होगा. यह हमारी लड़ाई का एक बहुत अहम हिस्सा होना चाहिए.'
'अगर हम ये सब करते हैं, तभी हम एकजुट हो सकते हैं'
उन्होंने आगे कहा- 'अगर हम ये सब करते हैं, तभी हम एकजुट हो सकते हैं. अपनी राजनीतिक ताकत सुरक्षित कर सकते हैं, अपने अधिकारों का दावा कर सकते हैं. अपने समुदाय के सभी वर्गों का उत्थान कर सकते हैं और उनके कल्याण के लिए काम कर सकते हैं. ये वे काम हैं जिन्हें हमारे पूर्वज चाहते थे कि हम आगे बढ़ाएं और मैं इस मौके पर यही बात कहना चाहता था.'
कौन हैं यतींद्र सिद्धारमैया, जानें
यतींद्र सिद्धारमैया कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे हैं. वो पेशे से डॉक्टर रहे हैं और उसके बाद राजनीति में कदम रखा है. 2018 में उन्होंने वरुणा सीट से विधानसभा चुनाव जीता था, जो पहले उनके पिता की सीट रही थी. डीके सिद्धारमैया की सरकार में यतीन्द्र शहरी विकास, कर्नाटक शहरी जल आपूर्ति, जल निकासी बोर्ड, केयूआईडीएफसी, सभी शहरी प्राधिकरण मंत्री हैं. इसके अलावा ज्यादातक स्थानीय योजनाएं भी इन्हीं के हाथ में हैं.
ये भी पढ़ें- रेप केस में तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे HC ने बरी करने का फैसला पलटा
