Schedule Tribe in India: पूरी दुनिया बुधवार (9 अगस्त, 2023) को विश्व आदिवासी दिवस (World Tribal Day) मना रही है, लेकिन भारत में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों की हालत क्या है? राज्यसभा में सरकार की ओर से दिया जवाब बताता है कि एसटी के खिलाफ अत्याचार और अपराध के मामले पिछले पांच सालो में बढ़े हैं. अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अत्याचार के सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश और राजस्थान से आते हैं.

अनुसूचित जनजाति की सबसे ज्यादा आबादी मध्य प्रदेश में रहती है. हर साल राज्य सरकारें इस दिन कई आयोजन करती हैं लेकिन सवाल है कि इनके सामाजिक हालात में क्या कोई परिवर्तन आया है. पिछले दिनों एमपी के पेशाब कांड को लेकर पूरे देश में बवाल मच गया था. आइए आंकड़ों से जानते हैं देश में एस वक्त अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अपराध के मामले पांच सालों में कितने बढ़े हैं.

पंजीकृत मामले (सीआर), आरोप पत्रित मामले (सीसीएस), दोषी ठहराए गए मामले (सीओएन), गिरफ्तार किए गए लोग (पीआर), आरोप पत्रित लोग (पीसीएस) और दोषी ठहराए गए लोग (पीसीवी)

2017सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 7114सीसीएस- 5808सीओएन- 741पीएआर- 10649पीसीएस- 10013पीसीवी- 10082018सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 652सीसीएस- 5614 सीओएन- 503पीएआर- 9724पीसीएस- 10239पीसीवी- 7612019सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 7565सीसीएस- 5917सीओएन- 741पीएआर- 10149पीसीएस- 10647पीसीवी- 11482020सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 8268सीसीएस- 6477सीओएन- 347पीएआर- 11564पीसीएस- 12507पीसीवी- 6052021सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 8790सीसीएस- 7178सीओएन- 548पीएआर- 10889पीसीएस- 13488पीसीवी- 824

केंद्रशासित प्रदेश2017सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 11सीसीएस- 10सीओएन- 3पीएआर- 12पीसीएस- 22पीसीवी- 72018सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 4सीसीएस- 5सीओएन- 0पीएआर- 2पीसीएस- 22पीसीवी- 02019सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 5सीसीएस- 1सीओएन- 0पीएआर- 10पीसीएस- 6पीसीवी- 02020सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 4सीसीएस- 7सीओएन- 0पीएआर- 14पीसीएस- 15पीसीवी- 02021सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 12सीसीएस- 8सीओएन- 0पीएआर- 14पीसीएस- 17पीसीवी- 0

मध्य प्रदेश में प्रति करोड़ आबादी पर अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराध के कुल पंजीकृत मामलों की संख्या 2017 में 2,289, 2018 में 1868, 2019 में 1922, 2020 में 2401 और 2021 में 2627 थी. नीचे देखें आरोप पत्रित मामले, दोषी ठहराए गए मामले, गिरफ्तार किए गए लोग, आरोप पत्रित लोग और दोषी ठहराए गए लोगों से जुड़ा पांच सालों का डाटा-2017सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 2289सीसीएस- 2335सीओएन- 399पीएआर- 3668पीसीएस- 3732पीसीवी- 5532018सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 1868सीसीएस- 1862सीओएन- 287पीएआर- 2585पीसीएस- 3173पीसीवी- 4462019सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 1922सीसीएस- 1845सीओएन- 414पीएआर- 2643पीसीएस- 3132पीसीवी- 6382020सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 2401सीसीएस- 2362सीओएन- 151पीएआर- 3532पीसीएस- 4371पीसीवी- 2512021सीआर (प्रति करोड़ आबादी पर)- 2627सीसीएस- 2547सीओएन- 336पीएआर- 2668पीसीएस- 4557पीसीवी- 497

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