कर्नाटक में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर जारी सियासी उथल-पुथल पर अभी तक विराम नहीं लगा है. खबरों की मानें तो सीएम सिद्धारमैया गुरुवार (28 मई) को इस्तीफा दे सकते हैं. मुख्यमंत्री फेस के बदलाव की अटकलों के बीच के बीच डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार 28 मई सुबह 9 बजे सीएम सिद्धारमैया के कावेरी स्थित आवास पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे.
सिद्धारमैया देंगे CM पद से इस्तीफा?
अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर सकते हैं. गुरुवार यानी 28 मई को डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया बेंगलुरु के पार्टी ऑफिस में साथ दिखाई देंगे. डीके शिवकुमार इस समय दिल्ली में ही मौजूद हैं, उनके तय कार्यक्रम के मुताबिक गुरुवार सुबह 5.45 पर वह दिल्ली से बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे और 9 बजे ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे.
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने कल (26 मई) को सिद्धारमैया को बताया कि इस्तीफा देने से पार्टी में उनकी भूमिका कम नहीं होगी, पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर उनकी अहम भूमिका की जरूरत है. वह राज्य में भी ओबीसी का सबसे बड़ा चेहरा बने हुए हैं, लेकिन अब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया है, जिससे अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस फिर सत्ता में वापसी कर सके.
कर्नाटक में कांग्रेस लीडरशिप में फेरबदल की अटकलों के बीच मंगलवार (26 मई) को दिल्ली के इंदिरा भवन में मैराथन बैठक चली. इस मीटिंग में सीएम सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी इस बैठक में शामिल हुए थे.
क्यों लग रहीं फेरबदल की अटकलें?
कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व में बदलाव और कैबिनेट में फेरबदल को लेकर अटकलें जारी हैं. शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनने को लेकर हुए कथित समझौते के तहत शिवकुमार के सीएम बनने पर जोर दे रहे हैं.
सिद्धारमैया ने कहा है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे. उधर शिवकुमार ने लगातार यही कहा है कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे और मुख्यमंत्री पद पर बदलाव के संबंध में परिणाम समय के साथ पता चल जाएगा. सूत्रों के मुताबिक अगर सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहते हैं तो फिर पार्टी शिवकुमार के भाई डीके सुरेश को राज्यसभा भेज सकती है.
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