भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना 1980 में हुई थी और तब से अब तक पार्टी ने कई प्रमुख नेताओं को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना है. पार्टी की शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी से हुई और अब नितिन नवीन जैसे युवा नेता तक पहुंच गई है. 20 जनवरी 2026 में नितिन नवीन की नियुक्ति से पार्टी में नई पीढ़ी का नेतृत्व आया है. BJP ने अपनी स्थापना से अब तक 12 अध्यक्ष देखे हैं. अब आइए विस्तार से जानते हैं...
1. अटल बिहारी वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी बीजेपी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. उनका कार्यकाल 1980 से 1986 तक रहा था. अटल मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को जन्में थे. वे जनसंघ के सदस्य रहे और 1980 में BJP की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई. वे कवि, पत्रकार और राजनेता थे. अटल ने BJP को एक मजबूत विपक्षी पार्टी बनाया. 1996, 1998 और 1999 में प्रधानमंत्री बने. पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और भारत-पाकिस्तान बस सेवा जैसे कदम उठाए. वे निर्विरोध चुने गए थे.2018 में उनका निधन हो गया.
2. लाल कृष्ण आडवाणी
लाल कृष्ण आडवाणी तीन बार (1986 से 1991, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक) बीजेपी के अध्यक्ष रहे. आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची (अब पाकिस्तान) में हुआ था. वे RSS से जुड़े और जनसंघ के सदस्य रहे. वे 1947 में भारत आए थे. आडवाणी ने राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया, जिससे BJP की लोकप्रियता बढ़ी. रथ यात्रा निकाली. 1998-2004 में उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे. पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया और कई बार निर्विरोध चुने गए. आडवाणी सबसे लंबे समय तक बीजेपी अध्यक्ष रहे. उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.
3. मुरली मनोहर जोशी
मुरली मनोहर जोशी का कार्यकाल 1991 से 1993 तक रहा था. उनका जन्म 5 जनवरी 1934 को उत्तराखंड के नैनीताल में हुआ था. वे फिजिक्स के प्रोफेसर रहे और RSS से जुड़े थे. जोशी ने राम जन्मभूमि आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई थी. वे 1996 में गृहमंत्री और 1998 से 2004 तक ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट (HRD) मंत्री रहे थे. उन्होंने पार्टी के वैचारिक आधार को मजबूत किया और निर्विरोध चुने गए थे. मुरली मनोहर जोशी ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ाया था.
4. कुशाभाऊ ठाकरे
कुशाभाऊ ठाकरे का कार्याकल 1998 से 2000 तक रहा था. 15 अगस्त 1922 को मध्य प्रदेश के धार में जन्में कुशाभाऊ RSS के प्रचारक रहे और जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे. कुशाभाऊ ने पार्टी की संगठनात्मक संरचना मजबूत की. 1998 में वाजपेयी सरकार बनने में मदद की और RSS के मूल्यों को पार्टी में बनाए रखे. कुशाभाऊ, बाल ठाकरे के चचेरे भाई थे.
5. बंगारू लक्ष्मण
वह 2000-2001 तक पार्टी अध्यक्ष रहे. 17 मार्च 1939 को हैदराबाद में जन्में बंगारू दलित समुदाय से थे. RSS से जुड़े और आंध्र प्रदेश में पार्टी को मजबूत किया था. बंगारू ने बीजेपी को दक्षिण भारत में फैलाने की कोशिश की. लेकिन स्टिंग ऑपरेशन 'घूसकांड' की वजह से इस्तीफा देना पड़ा था. उनका कार्यकाल विवादस्पद रहा और 2014 में निधन हो गया.
6. के. जना कृष्णमूर्ति
वह 2001 से 2002 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे. कृष्णमूर्ति का जन्म 24 मई 1928 को तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था. वे वकील थे और RSS से जुड़े थे. उन्होंने दक्षिण में पार्टी की जड़ें फैलाईं. 1999-2004 में कानून मंत्री रहे. कृष्णमूर्ति बीजेपी के पहले दक्षिण भारतीय अध्यक्ष बने थे. 2007 में उनका निधन हो गया.
7. एम. वैंकेया नायडू
नायडू 2002 से 2004 तक पार्टी अध्यक्ष रहे. उनका जन्म 1 जुलाई 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में हुआ था. उन्होंने स्टूडेंट पॉलिटिक्स से कैरियर की शुरुआत की. वह राज्यसभा सदस्य रहे और पद्म विभूषण से सम्मानित किए गए. नायडू 2017 से 2022 तक भारत के उपराष्ट्रपति भी रहे.
8. राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह दो बार (2005 से 2009 और 2013 से 2014 तक बीजेपी अध्यक्ष रहे. 10 जुलाई 1951 को उत्तर प्रदेश के चंदौली में जन्में राजनाथ फिजिक्स टीचर रहे और RSS से जुड़े. पार्टी को 2009 चुनावों में मजबूत किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे थे. वे निर्विरोध चुने गए थे. मोदी सरकार में हमेशा प्रमुख भूमिका मिली और अब देश के रक्षा मंत्री हैं.
9. नितिन गडकरी
वह 2009 से 2013 तक पार्टी अध्यक्ष रहे. गडकरी का जन्म 27 मई 1957 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था. वह इंजीनियर बने और फिर संघ से जुडे. गडकरी ने पार्टी के संगठन को आधुनिक बनाया. महाराष्ट्र में बीजेपी को मजबूत किया और अब सड़क परिवहन मंत्री हैं. गडकरी भी निर्विरोध चुने गए थे.
10. अमित शाह
अमित शाह 2014 से 2020 तक पार्टी अध्यक्ष रहे (2019 में दोबारा चुने गए). 23 अक्टूबर 1964 को मुंबई में जन्में शाह ने गुजरात से राजनीति शुरू की. 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को बड़ी जीत दिलाई. गृहमंत्री बनते ही आर्टिकल 370 हटाया, CAA बिल लेकर आए और तीन तलाक जैसे मुद्दों को खत्म किया. शाह निर्विरोध चुने गए थे और अब भी गृहमंत्री हैं.
11. जे. पी. नड्डा
नड्डा का कार्यकाल 2020 से 2026 तक रहा. 2 दिसंबर 1960 को पटना में जन्में नड्डा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परीषद (ABVP) से राजनीति की शुरुआत की. वे हिमाचल प्रदेश से रानीजित में सक्रिय रहते हैं. उन्होंने कोविड-19 के दौरान पार्टी को एकजुट रखा और 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को जीत दिलाई. नड्डा स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं.
12. नितिन नबीन
नितिन 2026 में निर्विरोध चुने गए सबसे युवा अध्यक्ष बन गए हैं. नितिन का जन्म पटना में हुआ था और पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी नेता और पूर्व विधायक थे. उन्होंने युवा राजनीति से करियर की शुरुआत की. वह लगातार पांच बार विधायक बने. नितिन का फोकस बीजेपी को युवाओं से जोड़ना है. वह पार्टी के संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.