नई दिल्ली: देश में कोरोना वैक्सीनेशन का अभियान चल रहा है. वहीं शुरुआती दौर में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना वैक्सीन दी जा रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि तय कार्यक्रम या उसके बाद वैक्सीन नहीं लगवा सके कोरोना वॉरियर्स को अब आयु वर्ग के हिसाब से होने वाले टीकाकरण के दौरान टीका लगवाना होगा.

केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे कोरोना योद्धाओं के लिए पहले चरण का टीकाकरण छह मार्च तक पूरा कर लें. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वैक्सीनेशन के लिए विकसित मोबाइल ऐप पर रजिस्टर कराने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों को एक मार्च तक टीका लगा दिया जाए.

सलाह

उन्होंने कहा, 'हमने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि वे सभी कोरोना योद्धाओं को छह मार्च तक टीका लगवाने का अवसर दें. जो कोरोना योद्धा अपने समय पर या बाद में अवसर मिलने पर टीका लगवाने में असफल रहे हैं, उन्हें आयु वर्ग के अनुसार होने वाले टीकाकरण में अपनी बारी का इंतजार करना होगा.'

मार्च से अगला चरण

बता दें कि सरकार ने 50 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान मार्च से शुरू करने का फैसला लिया है. देश में महामारी के हालात पर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बावजूद स्वास्थ्यकर्मियों और बड़ी आबादी को मरने से बचाना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि देश का सौभाग्य है कि दो टीके भारत में ही विकसित हुए हैं और छह-सात और विकसित किए जा रहे हैं.

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