Kolkata Live Updates: ममता बनर्जी के खिलाफ BJP कार्यकर्ताओं का संग्राम, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े गए
कोलकाता में ममता बनर्जी के खिलाफ सड़क पर संग्राम देखा जा रहा है और सचिवालय के बाहर बीजेपी कार्यकर्ताओं का हंगामा जारी है. इसे रोकने के लिए पुलिस ने भी लाठीचार्ज का सहारा लिया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े.
एबीपी न्यूज़Last Updated: 08 Oct 2020 03:07 PM

बैकग्राउंड
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बीजेपी कार्यकर्ताओं का बड़ा प्रदर्शन चल रहा है. राज्य पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर...More
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बीजेपी कार्यकर्ताओं का बड़ा प्रदर्शन चल रहा है. राज्य पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर केनन का इस्तेमाल किया, लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े. राज्य में लगातार बीजेपी नेताओं की हत्या के खिलाफ इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय आदि शामिल हैं. राज्य में बीजेपी कार्यकर्ताओं की कथित हत्याओं को लेकर कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ता 'नबन्ना चलो' आंदोलन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. प्रदर्शनकारी सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. एक तरफ पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं, लाठी चार्ज किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ बीजेपी कार्यकर्ता भी पथराव कर रहे हैं. हालांकि पुलिस ने पहले ही व्यवस्था कर रखी थी कि किसी भी हाल में प्रदर्शनकारियों को सचिवालय के करीब नहीं जाने दिया जाएगा. पुलिस ने चारों ओर बैरिकेड करके लगा रखा था. जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार किया, इसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. हाल ही में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बीजेपी नेता मनीष शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. तभी से बीजेपी कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस मामले में राज्यपाल जगदीप धनकड़ ने एडिश्नल चीफ होम सेक्रेटरी और डीजीपी को तलब किया था. ये भी पढ़ें-चीन सीमा पर सैन्य तैनाती को लेकर एयरफोर्स चीफ ने कहा- हम देश के हितों की रक्षा के लिए हमेशा तैयारहाथरस के पीड़ित परिवार ने इलाहाबाद HC में दाखिल की अर्जी, बंदिशें हटाने की मांग
पश्चिम बंगाल में अगले साल चुनाव हैं और इस कारण से भी सत्ताधारी टीएमसी और मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के बीच गतिरोध गहराया हुआ है. पिछले साल लोकसभा चुनाव के समय भी पश्चिम बंगाल में काफी हिंसा हुई थी और इसका आरोप बीजेपी ने राज्य की सरकार पर लगाया था. अब जब अगले साल चुनावों की तरफ राज्य की जनता देख रही है तो कई मामलों को सुलझाने की बजाए उन्हें बड़ा बनाने की कोशिश सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से होने के आरोप लगाए जा रहे हैं.