West Bengal Panchayat Election 2023: पश्चिम बंगाल में आज 8 जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए मतदान होने वाला है. अब से कुछ देर बाद पंचायत चुनाव के लिए वोट डालने की शुुरुआत होगी, लेकिन उसके ठीक पहले एक बार फिर बंगाल में चुनावी हिंसा हुई है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है. वहीं, बीजेपी ने चुनाव के पहले बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया है.

हिंसा की पहली घटना मुर्शिदाबाद के बेलडांगा इलाके की है जहां कांग्रेस और टीएमसी कार्यकर्ता एक बार फिर आपस में भिड़ गए, जिसमें एक शख्स बुरी तरह घायल हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि कूच बिहार में भी मतदान से पहले एक बार फिर  चुनावी हिंसा हुई है. यहां प्रत्याशी के घर पर बमबाजी हुई है.

वोटिंग के पहले ही बीजेपी ने लगाया बूथ कैप्चरिंग का आरोप

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव की वोटिंग से पहले बीजेपी ने बूथ कैप्चिरंग का आरोप लगाया है. बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख, अमित मालवीय ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कल, 8 जुलाई को पंचायतों के लिए मतदान होने की संभावना है, लेकिन टीएमसी के गुंडे पहले से ही बूथों पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं.

ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर उन्होंने लिखा,  "इस वीडियो में कांचरापारा जीपी, बूथ -129, उत्तर 24 परगना के ग्रामीणों को जवाबी कार्रवाई करते देखा जा सकता है. एसईसी (राज्य चुनाव आयुक्त) जानबूझकर न्यायालय के आदेशों को लागू करने में विफल रहा है."

राज्यपाल ने किया मुर्शिदाबाद का दौरा

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस राज्य में पंचायत चुनाव से एक दिन पहले हिंसा प्रभावित इलाकों के दौरे के लिए शुक्रवार को मुर्शिदाबाद पहुंचे. पीटीआई ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि राज्यपाल शुक्रवार सुबह ट्रेन से जिला मुख्यालय बेरहामपुर पहुंचे और शाम को कोलकाता रवाना हुए. राज्यपाल इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर, कैनिंग और बसंती तथा कूचबिहार जिले में गए थे, जहां राजनीतिक दलों के बीच झड़पें हुई थीं.

राज्यपाल ने एसईसी पर लगाया था आरोप

राज्यपाल बोस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि राज्य के निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) राजीव सिन्हा पंचायत चुनावों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में सिन्हा से चुनाव के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा था.