कोलकता में रेड रोड पर ईद-उल-फितर की नमाज़ के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर सीधा हमला किया. उन्होंने कहा कि लोगों के नाम SIR से हटाए जा रहे हैं और इस मुद्दे को लेकर वह कोलकाता से लेकर दिल्ली तक गईं. उन्होंने बताया कि उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तक इस मामले को उठाया है, ताकि लोगों के अधिकार सुरक्षित रहें.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह बंगाल के हर इंसान के साथ खड़ी हैं, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या समुदाय का हो. उन्होंने साफ कहा कि वह इस लड़ाई को आगे भी जारी रखेंगी और किसी को भी लोगों के अधिकार छीनने नहीं देंगी. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना

ममता बनर्जी ने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि हम मोदी जी को हमारे अधिकार छीनने नहीं देंगे. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल की सरकार को जबरदस्ती कंट्रोल करना चाहती है और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है. ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार डरने वाली नहीं है. उन्होंने कहा, “जो डरते हैं, वो हार जाते हैं, और जो लड़ते हैं, वही जिंदगी में आगे बढ़ते हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी हर हाल में लोगों के हक के लिए खड़ी रहेगी.

भारतीय जनता पार्टी ममता बनर्जी का हमला

ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी गुंडों और चोरों की पार्टी है और देश को बांटने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग पैसे लेकर वोट बांटने का काम कर रहे हैं, और ऐसे लोगों को जनता पहचान चुकी है. अंत में उन्होंने एक कहावत भी कही कि अगर कोई कितना भी बुरा चाहे, होता वही है जो ऊपरवाले को मंजूर होता है. इस तरह ईद के मौके पर दिया गया ममता बनर्जी का यह भाषण राजनीतिक तौर पर काफी चर्चा में आ गया है.

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