पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर बीजेपी ने तंज कसा है. अभिषेक बनर्जी पर पार्टी कार्यकर्ता के आवास पर जाते समय अंडे और पत्थर फेंके गए थे. यह घटना दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में हुई, जहां अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने गए थे.
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि वह राजनीतिक हिंसा का शिकार हुए हैं और उन्होंने इस घटना के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहाया है. इस हमले की इंडिया ब्लॉक के नेताओं राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और अन्य ने कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि बीजेपी प्रतिशोध की राजनीति कर रही है.
बीजेपी ने कसा तंज
इसी बीच बीजेपी ने एक्स पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट के जरिए विवाद पर पलटवार करते हुए कहा, "यह ड्रामा बासी हो गया है और अब रोमांचक नहीं रहा." यह इशारा बनर्जी पर सोनारपुर दौरे के दौरान कथित तौर पर अंडे फेंके जाने की घटना की ओर था. बीजेपी ने इस विवाद की तुलना एक खराब स्क्रिप्ट वाली फिल्म से करते हुए कहा, "कभी-कभी स्क्रिप्ट इतनी कमजोर और एक्टिंग इतनी घटिया होती है कि लोग सिर्फ हंसी के लिए फिल्म देखते हैं."
क्या बोलीं मंत्री अग्निमित्रा पॉल?
हालांकि बीजेपी ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को निंदनीय बताया है, लेकिन यह तृणमूल कांग्रेस के भीतर के मतभेदों और पार्टी के प्रति जनता के गुस्से का भी नतीजा है. पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बीजेपी पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इस घटना को टीएमसी के खिलाफ जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया. उन्होंने कहा, “हम इन दिनों जो देख रहे हैं वह जनता का वास्तविक आक्रोश है शुद्ध जन आक्रोश.” उन्होंने अभिषेक बनर्जी, ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर पिछले 15 वर्षों में अत्याचार, प्रतिशोध की राजनीति और हिंसक झड़पों में लिप्त होने का आरोप लगाया है.
5 लोग गिरफ्तार
इस बीच अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के सिलसिले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में तपन मैती और निर्मल्या सेनगुप्ता शामिल हैं, जो पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा के करीबी माने जाते हैं. इस घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आकाश गायेन इलाके में टीएमसी कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. उनकी मां ने स्वीकार किया कि उनका पार्टी से जुड़ाव था और दावा किया कि वे चुनाव के दौरान नियमित रूप से टीएमसी बूथों पर बैठते थे.
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