पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे जारी होने के बाद सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. बीते दो दिन से राज्य के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें आ रही है, जिसे लेकर बंगाल बीजेपी ने बयान जारी किया है. बीजेपी ने कहा कि तृणमूल की तथाकथित 'गुंडा वाहिनी' के लोग बीजेपी कार्यकर्ता बनकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं और राज्य में अशांति फैला रहे हैं. पार्टी ने चेतावनी दी है कि इस तरह के काम बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.

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हिंसा करने वालों को बीजेपी की चेतावनी

बंगाल बीजेपी ने कहा, 'जो भी व्यक्ति पहचान छिपाकर हिंसा या डराने-धमकाने का काम करेगा, उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. इन अपराधी तत्वों के खिलाफ कानून की पूरी ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा. गाल की जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है. अब अपराध और सरकार का साथ चलने वाला दौर खत्म हो चुका है. आने वाली सरकार कानून का राज स्थापित करने, जवाबदेही तय करने और हर नागरिक की बिना किसी भेदभाव के सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है.'

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ममता बनर्जी ने टीएमसी के नव निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक में एक बार फिर कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी. बंगाल के बाद अब INDIA गठबंधन की टीम एकजुट है. मैं इस्तीफा नहीं दूंगी. चाहे वे मुझे बर्खास्त कर दें. मैं चाहती हूं कि यह काला दिन हो. हमें मजबूत रहना होगा.

बंगाल में सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज

बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में बीजेपी की पहली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई 2026 को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा. पार्टी सूत्रों के अनुसार, सुबह 10 बजे शुरू होने वाले शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और कई केंद्रीय मंत्रियों के उपस्थित रहने की उम्मीद है. 

खास बात यह है कि शपथग्रहण समारोह बंगाली पंचांग के बैसाख महीने के 25वें दिन आयोजित किया जाएगा जिसे पूरे राज्य में रवींद्र जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है. इससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रतीकात्मकता की झलक नजर आएगी.

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