नई दिल्ली: उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने देर रात देहरादून में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को अपना इस्तीफा सौंपा. हालांकि अगले सीएम के चुनाव तक वो कार्यवाहक सीएम बने रहेंगे. इस्तीफे के बाद तीरथ सिंह रावत ने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया.


इससे पहले उन्होंने खत के ज़रिए बीजेपी हाईकमान को अपने इस्तीफे की पेशकश की. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष को भेजे अपने पत्र में जनप्रतिधि कानून की धारा 191 ए का हवाला दिया और कहा कि वो अगले 6 महीने में चुनकर दोबारा नहीं आ सकते. पार्टी ने इस सियासी संकट को दूर करने के लिए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. उनकी मौजूदगी में शनिवार को 4 बजे देहरादून में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए सीएम पर फैसला हो सकता है.


 


दिन भर की सियासी हलचल की बड़ी बातें


सियासी हलचलों के बीच शुक्रवार देर रात तीरथ सिंह रावत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. माना जा रहा था कि सीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे को लेकर बात करेंगे. लेकिन हुआ सबकी उम्मीदों के उलट. उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर एक लफ्ज़ नहीं बोला. तमाम सवालों पर सीएम ने चुप्पी साध ली और अपनी बातें रखने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस से चले गए.


तीरथ सिंह रावत पिछले तीन दिनों से दिल्ली में थे. इस दौरान उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की. पौड़ी से लोकसभा सांसद रावत ने इसी साल 10 मार्च को मुख्यमंत्री का पद संभाला था. बता दें कि अपने पद पर बने रहने के लिए 10 सितम्बर तक उनका विधानसभा सदस्य निर्वाचित होना संवैधानिक बाध्यता है.


संवैधानिक मजबूरी के चलते तीरथ सिंह रावत का जाना तय माना जा रहा था. इस बीच उन्होंने जेपी नड्डा को भेजे अपने खत में कहा, "मैं 6 महीने के अंदर दोबारा नहीं चुना जा सकता. ये एक संवैधानिक बाध्यता है. इसलिए अब पार्टी के सामने मैं अब कोई संकट नहीं पैदा करना चाहता और मैं अपने पद से इस्ताफा दे रहा हूं. आप मेरी जगह किसी नए नेता का चुनाव कर लें."   


बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह 11 बजे पर्यवेक्षक बनाए गए नरेंद्र सिंह तोमर देहरादून पहुंचेंगे. तोमर की मौजूदगी में ही दोपहर 4 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी. केंद्र की ओर से जो नाम भेजा जाएगा, उसपर विधायकों की सहमति लेने की कोशिश की जाएगी. फिर नए सीएम का एलान कर दिया जाएगा.


सीएम तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे की पेशकश के बीच अगले सीएम के कुछ नामों को लेकर भी चर्चा होने लगी. जिनके नाम रेस में आगे चल रहे हैं उनमें सतपाल महाराज, रेखा खंडूरी, पुष्कर सिंह धामी और धन सिंह रावत शामिल हैं.


देर रात बुलाए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीरथ सिंह रावत में सिर्फ अपनी योजनाओं का बखान किया. उन्होंने कहा कि ये सब पहले से तैयार था, लेकिन दिल्ली में होने की वजह से वो इसका एलान नहीं कर सके. दरअसल उन्होंने अगले 6 महीने में राज्य में लगभग 22 हज़ार नई नौकरी देने का एलान किया.


तीरथ सिंह रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने कार्यकाल के दौरान कोरोना से जंग के बारे में बताया. किस तरह से उन्होंने सरकारी योजनाओं के ज़रिए लोगों की मदद की उसके बार में जानकारी दी. लेकिन इस्तीफे के सवाल पर बिना कुछ बोले चल दिए.


दरअसल प्रदेश में फिलहाल विधानसभा की दो सीटें, गंगोत्री और हल्द्वानी रिक्त हैं जहां उपचुनाव कराया जाना है. चूंकि राज्य में अगले ही साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होना प्रस्तावित है और इसमें साल भर से कम समय बचा है, ऐसे में कानून के जानकारों का मानना है कि उपचुनाव कराए जाने का फैसला निर्वाचन आयोग के विवेक पर निर्भर करता है.


पौड़ी से लोकसभा सांसद तीरथ सिंह रावत ने इसी साल 10 मार्च को मुख्यमंत्री का पद संभाला था. उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के बाद सीएम पद संभाला था.


हालांकि दिनभर चली सियासी सरगर्मियों के बाद तीरथ सिंह रावत रात करीब 11 बजे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात कर औपचारिक तौर पर अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया.