Rafale Live Updates: 20 मिनट में इस्लामबाद पर हमले कर सकता है राफेल, 24 घंटे में 5 बार मिशन पर जाने की है क्षमता
Rafale Live Updates: राफेल के अंबाला मे आने की वायुसेना ने पूरी तैयारी कर ली है. ये विमान फ्रांस से 7 हजार किलोमीटर की दूरी तय करके आ रहे है. भारत ने वायुसेना के लिये 36 राफेल विमान खरीदने के लिये चार साल पहले फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ रुपये का करार किया था. पल-पल की अपडेट्स के लिए बने रहिए एबीपी न्यूज़ के साथ.
एबीपी न्यूज़Last Updated: 30 Jul 2020 02:03 PM
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Rafale Live Updates: फ्रांस के बंदरगाह शहर बोर्डेऑस्क में मैरीग्नेक वायुसेना अड्डे से सोमवार को रवाना हुए पांच राफेल विमानों का पहला जत्था आज अंबाला वायुसेना अड्डे पर पहुंचेगा. ये विमान...More
Rafale Live Updates: फ्रांस के बंदरगाह शहर बोर्डेऑस्क में मैरीग्नेक वायुसेना अड्डे से सोमवार को रवाना हुए पांच राफेल विमानों का पहला जत्था आज अंबाला वायुसेना अड्डे पर पहुंचेगा. ये विमान आज दोपहर एक से तीन बजे के बीच अंबाला पहुंचेंगे जहां वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया एक औपचारिक समारोह में इन विमानों को रिसीव करेंगे. राफेल के अंबाला मे आने की वायुसेना ने पूरी तैयारी कर ली है. इसके लिए रफाल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी, दसॉ ने 227 करोड़ रूपये की लागत से एयरबेस में मूलभूत सुविधाएं तैयार की हैं, जिसमें विमानों के लिए रनवे, पाक्रिंग के लिए हैंगर और ट्रैनिंग के लिए सिम्युलेटर शामिल है. ये विमान फ्रांस से 7 हजार किलोमीटर की दूरी तय करके आ रहे है. भारत ने वायुसेना के लिये 36 राफेल विमान खरीदने के लिये चार साल पहले फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ रुपये का करार किया था. पल-पल की अपडेट्स के लिए बने रहिए एबीपी न्यूज़ के साथ. यह भी पढे़ं- Rafale: लड़ाकू विमान राफेल से जुड़े अहम सवाल, जिनके जवाब आपके लिए पेश हैं Rafale: कल अंबाला पहुंचेंगे पांच राफेल लड़ाकू विमान, जानें क्या हैं तैयारियां, कैसे होगा स्वागत
राफेल विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए मध्य अगस्त के आसपास समारोह आयोजित किया जा सकता है, जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है.
फ्रांस से राफेल विमानों के भारत आने के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान में खलबली मची हुई है. क्योंकि इस विमान की ताकत का कोई तोड़ नहीं है. पाकिस्तान की बात करें तो उसके पास 80 के दशक में अमेरिका के बने एफ-16 विमान हैं जो कहीं से भी राफेल के मुकाबले खरा नहीं उतरता. यही वजह है कि पूरे पाकिस्तान में राफेल चर्चा का विषय बना हुआ है. बता दें कि अभी राफेल विमानों का पहली खेप ही देश में आए हैं. जिनमें 5 राफेल आए हैं.
भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59 हजार करोड़ रुपये का सौदा किया था. भारत ने जो 36 राफेल विमान खरीदे हैं उनमें से 30 विमान लड़ाकू जबकि छह ट्रेनर विमान हैं.
राफेल विमान दुश्मनों को तहस-नहस करने वाले हथियारों से लैस हैं. कहा जा रहा है कि जब राफेल भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएगा और भारत आसमान में राज करेगा. पाकिस्तान के पास राफेल की टक्कर का कोई विमान नहीं है. पाकिस्तान के पास F-16 है लेकिन अकेला राफेल दो एएफ-16 के बराबर है.
भारत के पास अभी जो फाइटर प्लेन जैसे मिग-29, मिराज,सुखोई-30 है, इनकी तुलना में राफेल एक अलग जनरेशन का फाइटर प्लेन है, जो टारगेट को आसानी से भेद सकता है और पड़ोसी देशों पर एयरस्ट्राइक कर सकता है.
भारत के पास अभी जो फाइटर प्लेन जैसे मिग-29, मिराज,सुखोई-30 है, इनकी तुलना में राफेल एक अलग जनरेशन का फाइटर प्लेन है, जो टारगेट को आसानी से भेद सकता है और पड़ोसी देशों पर एयरस्ट्राइक कर सकता है.
अंबाला एयरबेस को भारतीय वायुसेना का महत्वपूर्ण बेस माना जाता है, क्योंकि यहां से भारत-पाकिस्तान सीमा महज 220 किलोमीटर की दूरी पर है. विशेषज्ञ बताते हैं कि राफेल विमान अंबाला से महज बीस मिनट के अंदर पाकिस्तान में घुसकर इस्लामाबाद पर हमले कर सकते हैं. राफेल लड़ाकू विमान ऐसे समय वायुसेना में शामिल हो रहे हैं, जब चीन से हमारा विवाद चल रहा है और पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकी और गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय वायु सेना को राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप के तहत पांच विमानों के भारत आने पर बधाई दी है. हालांकि इसके साथ ही राहुल गांधी ने भारत सरकार से राफेल की कीमत, संख्या और कॉन्ट्रैक्ट को लेकर तीन सवाल एक बार फिर पूछे हैं, जिनको लेकर उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को जमकर घेरा था. बुधवार दोपहर पांच राफेल विमान अंबाला एयरबेस पहुंचे.
राफेल लड़ाकू विमान मेटेओर, स्कैल्प और मिका जैसे विजुअल रेंज मिसाइलों से सुसज्जित होगा, जोकि दूर से ही अपने लक्ष्य को भेद सकती हैं. वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान ताकत बढ़ाने वाला होगा. एक भारतीय राफेल लड़ाकू विमान दुश्मन की योजना को नेस्तनाबूत कर सकता है.उन्होंने यह भी बताया कि जब राफेल भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएगा, भारत आसमान में राज करेगा.
गृहमंत्री शाह ने कहा कि राफेल का टचडाउन हमारी ताकतवर वायुसेना के लिए ऐतिहासिक दिन है. यह भारत के लिए गौरव का क्षण है. ये दुनिया की सबसे ताकतवर मशीनें हैं जो आसमान में किसी भी चुनौती को नाकाम करती हैं. राफेल की ताकत से हमारे वायु वीरों को अपनी सरहद की रक्षा करने में मदद पहुंचाएगी.
देश में राफेल विमानों के पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत के श्लोक से स्वागत किया. प्रधानमंत्री ने संस्कृत में ट्वीट कर कहा, 'राष्ट्र रक्षासमं पुण्यं, राष्ट्र रक्षासमं व्रतम्, राष्ट्र रक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च... नैव च... नभः स्पृशं दीप्तम्...स्वागतम्!' इस स्लोक का अर्थ है... राष्ट्र रक्षा से बढ़कर ना कोई पुण्य है, न कोई व्रत, ना ही कोई यज्ञ है, आकाश के दीप्तिमान स्वागत है.
अंबाला में ही राफेल फाइटर जेट्स की पहली स्कॉवड्रन तैनात होगी. 17वीं नंबर की इस स्कॉवड्रन को 'गोल्डन-ऐरोज़' नाम दिया गया है. इस स्कॉवड्रन में 18 राफेल लड़ाकू विमान होंगे. जिसमें से तीन ट्रैनर और बाकी 15 फाइटर जेट्स होंगे. दरअसल, गोल्डन एरो अभी तक भटिंडा स्थित मिग-21 की स्कॉवड्रन को जाना जाता था. मिग-21 की गोल्डन एरो स्कॉवड्रन ने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी.
पांच राफेल लड़ाकू विमानों के अंबाला में भारतीय वायुसेना अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि ये लड़ाकू विमान 'गेम चेंजर' साबित होंगे. शाह ने कहा कि उन्हें यकीन है कि नई पीढ़ी के राफेल लड़ाकू विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को भारत के आसमान को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और किसी भी चुनौती को विफल किया जा सकेगा.
भारत का सबसे बड़ा योद्धा राफेल आखिरकार अंबाला एयरबेस पर लैंड कर चुका है. इन राफेल विमानों को गोल्डन एरो कही जानेवाली 17 स्कॉड्रन में शामिल किया जाएगा, जिसे एयरफोर्स ने खत्म कर दिया था. इस स्कॉड्रन को रिटायर कर दिया गया था लेकिन राफेल के लिए दोबारा जिंदा किया गया है. ये स्कॉड्रन पाकिस्तान को दो युद्धों (1965 और 1971) में धूल चटा चुकी है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राफेल के स्वागत के लिए अंबाला एयरबेस पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल RKS भदौरिया भी मौजूद रहें. बता दें कि आज आधिकारिक तौर पर राफेल विमान वायुसेना में शामिल नहीं होंगे, आज इन्हें सिर्फ रिसीव किया गया है. अंबाला में पूरी तैयारियों के साथ इनको रिसीव किया गया.
अंबाला में राफेल की लैंडिंग के बाद उन्हें वाटर सैल्यूट दिया गया. उनको वाटर कैनन से Water salute दिया गया. यह दूसरा मौका है जब बड़े फाइटर विमान को अंबाला एयरबेस पर भारत में सबसे पहले लैंडिंग हुई है. इससे पहले जगुआर फाइटर प्लेन की अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर लैंडिंग हुई थी.
भारत के लिए आज ऐतिहासिक पल है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सैन्य इतिहास का आज ऐतिहासिक पल है. यह नए युग की शुरूआत है. यह क्रांतिकारी बदलाव है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर राफेल विमान के लैंड होने की जानकारी दी, साथ ही उन्होंने वायुसेना को बधाई दी.
पांच राफेल विमानों ने सोमवार को फ्रांसीसी शहर बोडरे में मेरिनैक एयर बेस से उड़ान भरी थी. बेड़े में तीन सिंगल सीटर और दो डबल सीट वाले विमान शामिल हैं. इन्हें भारतीय वायुसेना में इसके 17वें स्क्वाड्रन के हिस्से के रूप में शामिल किया जाएगा, जिसे अंबाला एयर बेस पर 'गोल्डन एरो' के रूप में भी जाना जाता है.
पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच राफेल मौजूदा परिदृश्य में भारत के लिए एक गेम चेंजर होगा. कहा जा रहा है कि यह भारत की वायुशक्ति को कई गुना बढ़ा देगा. राफेल 4.5 जेनरेशन का विमान है और इसमें नवीनतम हथियार व बेहतरीन सेंसर लगे हैं.
आज 36 में से 5 राफेल फाइटर जेट फ्रांस से भारत आ रहे हैं. राफेल लाने वाले इंडियन एयरफोर्स के जाबांज पायलटों की टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह को मिली है. उनकी टीम में दक्षिण कश्मीर से एयर कमोडोर हिलाल अहमद राथर, यूपी के बलिया से कोमोडोर मनीष सिंह, राजस्थान के जालोर से विंग कमांडर अभिषेक त्रिपाठी भी शामिल हैं.
पांचों राफेल लड़ाकू विमान अंबाला एयरबेस के पास पहुंच गए हैं. अब से चंद मिनटों में सभी विमानों की लैंडिंग होगी. अंबाला में फिलहाल मौसम साफ है. राफेल के वायुसेना में शामिल होने के बाद एक तरह से भारत आसमान में राज करेगा. अंबाला एयरबेस पर राफेल विमानों के भव्य स्वागत की तैयारी की गई है.
रक्षा मंत्रालय की तरफ से राफेल विमानों की पहली तस्वीर जारी की गई है. विमानों की सुरक्षा के लिए दो सुखोई विमान भी साथ उड़ रहे हैं. वायुसेना प्रमुख भी अंबाला एयरबेस पहुंच गए हैं, अब से कुछ देर में राफेल की लैंडिंग होगी. हवा में विमान विक्टरी साइन वी का निशान बनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं.
जब राफेल विमान अंबाला एयरस्पेस पहुंचेंगे, तो उन्हें वाटर सैल्यूट दिया जाएगा. ये वायुसेना का पुराना ट्रेडिशन है, जिसे फाइटर जेट्स के आने पर हर बार फॉलो किया जाता है.
राफेल लड़ाकू विमान मुंबई एयरस्पेस में पहुंच गए हैं, कुछ ही देर में राफेल विमान अंबाला एयरबेस पर लैंड करने वाले हैं. राफेल की एक झलक के लिए लोग सुबह से ही घरों की छत पर चढ़े हुए हैं.
कुछ ही देर में राफेल विमान अंबाला एयरबेस पर लैंड करने वाले हैं. लोग सुबह से ही घरों की छत पर चढ़े हुए हैं. संयुक्त अरब अमीरात से उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद भारतीय राफेल ने पश्चिमी अरब सागर में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS कोलकाता के साथ संपर्क किया है.
मीडियो को अब राफेल विमानों की फोटोग्राफी की इजाजत मिल गई है. अंबाला में फिलहाल मौसम साफ है. राफेल के वायुसेना में शामिल होने के बाद एक तरह से भारत आसमान में राज करेगा. अंबाला एयरबेस पर राफेल विमानों के भव्य स्वागत की तैयारी की गई है.
राफेल विमान अबुधाबी से उड़ान भर चुके हैं. भारत के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस अंबाला में 2.30 बजे तक पहुंचने की उम्मीद है. 3700 मारक क्षमता वाला इसे विमाना 6 सुपरसोनिक मिसाइल और लेजर गाइडेड बम लेकर उड़ सकता है. राफेल लगातार 10 घंटे तक उड़ान भर सकता है.
हरियाणा के अंबाला शहर में एक हवाई अड्डे पर पांच राफेल विमानों के उतरने से कुछ घंटे पहले स्थानीय प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया. इसमें वायुसेना संपत्ति और राफेल हवाई जहाजों की फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगा दिया गया, साथ ही सुरक्षा को भी बढ़ाया गया. ये निषेधात्मक आदेश पूरे दिन लागू रहेंगे. यहां तक कि मीडियाकर्मियों के लिए राफेल विमान के वीडियो और तस्वीरें लेने को भी वर्जित किया गया है.
हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर उतरने के बाद पांच राफेल लड़ाकू विमानों को वाटर सैल्यूट दिया जाएगा. उस समय एयरबेस पर वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया मौजूद रहेंगे. अंबाला एयरबेस पर राफेल विमानों के भव्य स्वागत की तैयारी की गई है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज अंबाला में बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की भविष्यवाणी की है. अगर ऐसा होता है तो राफेल की लैंडिंग राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर होगी. जोधपुर एयरबेस को इसके लिए स्टैंडबाई पॉजिशन में रखा गया है. हालांकि अंबाला में अभी आसमान में बादल छाए हुए हैं और तेज हवा चल रही है, लेकिन बारिेश नहीं हुई है. अभी वहां का तापमान 31 डिग्री सैल्सियस है.
राफेल लड़ाकू विमान मेटेओर, स्कैल्प और मिका जैसे विजुअल रेंज मिसाइलों से सुसज्जित होगा, जोकि दूर से ही अपने लक्ष्य को भेद सकती हैं. वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान ताकत बढ़ाने वाला होगा. एक भारतीय राफेल लड़ाकू विमान दुश्मन की योजना को नेस्तनाबूत कर सकता है.उन्होंने यह भी बताया कि जब राफेल भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएगा, भारत आसमान में राज करेगा.
एमबीडीए ने जो तीन गेम-चेंजर मिसाइल भारतीय राफेल के लिए दी हैं, वे हैं, पहली मिटयोर मिसाइल. वियोंड विज्युल रेंज ‘मिटयोर’ मिसाइल की रेंज करीब 150 किलोमीटर है. हवा से हवा में मार करने वाली ये मिसाइल दुनिया की सबसे घातक हथियारों में गिनी जाती है. दूसरी है स्कैल्प, जो क्रूज डीप स्ट्राइक मिसाइल है जो आसमान से जमीन पर अटैक करने के लिए है. तीसरी है माइका, जो हवा से हवा में मार करने वाली मल्टी-मिशन मिसाइल है.
भारत वायु सेना (IAF)के बेड़े में शामिल होने के लिए पांच राफेल विमानों का पहला जत्था आज अंबाला पहुंचेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज अंबाला में बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की भविष्यवाणी की है. अगर ऐसा होता है तो राफेल की लैंडिंग जोधपुर में होगी.
भारत जिस आपात स्थिति का सामना कर रहा है, उस पर जोर देते हुए भारतीय अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि हैमर मिसाइलों से लैस राफेल जेट विमानों को बिना देरी के परिचालन में लाया जाएगा. सूत्रों ने कहा कि ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ और पायलटों की एक टीम ने पिछले डेढ़ साल से फ्रांस में प्रशिक्षण लिया है.
हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज हिन्दुस्तान में एक इतिहास रचा जा रहा है, फाइटर प्लेन का सरताज राफेल आज अंबाला आ रहा है. अंबाला के लोग पलकें बिछा कर उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, कोरोना है लोगों को इकट्ठा नहीं किया जा सकता नहीं तो सारा शहर इकट्ठा होकर भंगड़ा डालता, ढोल बजाता.
राफेल को 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पर वायुसेना में शामिल होने के बाद उन्हें तुरंत चीन सीमा पर तैनात कर दिया जाएगा. फ्रांस के बंदरगाह शहर बोर्डेऑस्क में मैरीग्नेक वायुसेना अड्डे से सोमवार को रवाना हुए पांच राफेल विमानों का पहला जत्था आज अंबाला वायुसेना अड्डे पर पहुंचेगा. ये विमान आज दोपहर एक से तीन बजे के बीच अंबाला पहुंचेंगे. यहां वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया एक औपचारिक समारोह में इन विमानों को रिसीव करेंगे.
एक रिपोर्ट में दावा किया है कि है कि कल फ्रांस से आते वक्त यूएई में जिस एयरबेस के पास भारत के पांचों राफेल लड़ाकू विमान रुके थे, वहां ईरानी मिसाइल गिरी थीं. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सैन्य अभ्यास के बाद ईरानी मिसाईलें यूएई के अल-धाफरा बेस के पास गिरीं थीं. बताया जा रहा है कि अभ्यास में होरमुज़ की खाड़ी में नकली अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइंलें दागी गई थीं.
भारत वायु सेना (IAF)के बेड़े में शामिल होने के लिए पांच राफेल विमानों का पहला जत्था आज अंबाला पहुंचेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आज अंबाला में बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की भविष्यवाणी की है. रिपोर्टर के मुताबिक अगर अंबाला में मौसम खराब हुआ तो राफेल की लैंडिंग में देरी संभव है.
तस्वीरें अंबाला शहर की हैं. इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है. राफेल विमानों की लैंडिंग के वक्त लोगों के छतों पर चढ़ने और सेल्फी लेने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
अंबाला में ही राफेल फाइटर जेट्स की पहली स्कॉवड्रन तैनात होगी. 17वीं नंबर की इस स्कॉवड्रन को 'गोल्डन-ऐरोज़' नाम दिया गया है. इस स्कॉवड्रन में 18 रफाल लड़ाकू विमान तीन ट्रैनर और बाकी 15 फाइटर जेट्स होंगे.
रफाल के साथ भारतीय ग्राउंड स्टाफ भी फ्रांस से ट्रैनिंग लेकर आ रहा है. वो भी अल-दफ्रा पहुंचा है. किसी भी फाइटर जेट को एक लंबी उड़ान से पहले पूरी तरह सर्विस किया जाता है. सबकुछ देख-परख कर उड़ान भरी जाती है. माना जाता है कि एक जेट को पूरी तरह उड़ान भरने के लिए तैयार करने में 3-4 घंटे लगते हैं.
अंबाला एक सामरिक महत्व का मिलिट्री बेस है जहां पर ब्रह्मोस मिसाइल भी तैनात हैं. इसके अलावा वायुसेना की मिग21 'बाइसन' और जगुआर फाइटर जेट्स की भी स्कॉवड्र्न यहां तैनात हैं. इसके अलावा थलसेना की खड़गा स्ट्राइक कोर (2 कोर) का हेडक्वार्टर भी अंबाला एयरबेस के बेहद करीब है. इसीलिए ये बेहद संवेदनशील क्षेत्र है जिसपर दुश्मन की नजर रहती है.
दोपहर 1 से 3 बजे किसी समय राफेल लड़ाकू विमान अंबाला एयरबेस पर पहुंचेगा. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया इस मौके पर खुद वहां राफेल विमानों की आगवानी के लिए मौजूद रहेंगे. एक क्लोज-डोर सेरेमनी में राफेल विमानों को वायुसेना में शामिल कराया जाएगा. मीडिया को भी इस समारोह में शामिल होने की इजाजत नहीं है.
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