मुंबई:बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में हड़ताली जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई है. हाईकोर्ट रेजिडेंट डॉक्टरों को तुरंत काम पर लौटने को कहा था. कोर्ट ने सरकार से कहा है कि वह डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. वहीं कोर्ट ने कहा है कि अब मरीज के साथ उसके दो परिजनों के अलावा कोई अंदर नहीं जाएगा. अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर ही डॉक्टर हड़ताल पर थे.
प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना था कि वो ऐसे माहौल में काम नहीं कर सकते हैं जहां पर उनकी अपनी ही जान खतरे में पड़ जाए. गौरतलब है कि पिछले एक हफ्ते के दौरान धुले, नासिक और सायन सहित पांच अस्पतालों में डॉक्टर पर हमले हो चुके हैं. मरीज के रिश्तेदारों का आरोप है कि डॉक्टर ठीक से इलाज नहीं करते हैं.
महाराष्ट्र में रेजीडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने पहले सुनवाई में कहा था कि मजदूरों की तरह डॉक्टरों का हड़ताल पर जाना डॉक्टरी पेशे पर कलंक है. कोर्ट ने ये भी कहा कि डॉक्टर अगर काम पर नहीं लौटते हैं तो उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए. महाराष्ट्र सरकार ने डॉक्टरों को चेतावनी भी दी थी.
रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी और जेनरल वार्ड बुरी तरह प्रभावित हैं. सुरक्षा की मांग को लेकर करीब 4000 से ज्यादा रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार से ही हड़ताल पर हैं. एक हफ्ते में महाराष्ट्र के धुले, नासिक और सायन सहित पांच अस्पतालों में डॉक्टर पर हमले हो चुके हैं.