तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार (31 दिसंबर, 2025) को भारतीय चुनाव आयोग से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों समेत 10 मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची में गड़बड़ियां मिलने को लेकर चेतावनी देते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है. प्रतिनिधिमंडल के नेता अभिषेक बनर्जी ने आयोग से मुलाकात के बाद कहा कि पिछली बार पूछे गए पांच सवालों का जवाब नहीं मिला, जबकि दो-तीन मुद्दों को छोड़कर बाकी पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया.
TMC ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 1 करोड़ 36 लाख मतदाताओं के नाम संदेह के घेरे में हैं, लेकिन उनकी सूची अब तक जारी नहीं की गई. इसके अलावा, 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के और बीमार मतदाताओं का सत्यापन कार्यालय में बुलाने के बजाए उनके घर जाकर किया जाए.
प्रतिनिधिमंडल नेता अभिषेक बनर्जी ने उठाए सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के आरोपों पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि 58 लाख नाम हटाए जा रहे हैं, उनमें से कितने बांग्लादेशी या रोहिंग्या हैं? अभिषेक बनर्जी ने सवाल किया, “पश्चिम बंगाल में अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम वोट डिलीट हो रहे हैं. फिर बंगाल में ही माइक्रो ऑब्जर्वर क्यों लगाए जा रहे हैं? फॉर्म भरने वाले मतदाताओं के नाम कैसे डिलीट हो रहे है, जबकि फॉर्म न भरने वालों का हटना चाहिए? राज्य को नीचा दिखाने वाली मानसिकता के लिए जिम्मेदार कौन है?” उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट सूची के बाद 89% मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. बंगाल को बदनाम करने की साजिश हो रही है.
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर क्या बोले TMC नेता?
राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोपों पर पूछे गए सवाल पर अभिषेक बनर्जी ने जोर देकर कहा, “वोट चोरी ईवीएम से नहीं, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी से होती है. अगर कांग्रेस ने पकड़ लिया होता, तो चारों राज्यों में भाजपा हार जाती.” उन्होंने सलाह देते हुए कहा, “टीवी पर आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा. सड़कों पर उतरें. कार्यकर्ता काम करें. चोरी पकड़नी पड़ेगी.”
बनर्जी ने विपक्षी दलों से अपील की, “इस मुद्दे को गंभीरता से लें. अमित शाह जितना ताकत लगाएंगे, हम उतना ही मजबूत होकर चुनाव जीतेंगे. जनता हमारे साथ है.” उन्होंने कहा कि पहले वोटर सरकार बनाते थे, अब सरकार तय करती है कौन वोटर बनेगा.
टीएमसी नेता ने CEC को दी चेतावनी?
वहीं, इस दौरान TMC नेता ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा, जिन्हें कोऑपरेटिव सचिव से सीईसी बनाया गया. उन्होंने चेतावनी दी कि अंतिम मतदाता सूची में गड़बड़ी मिलने पर कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे.
यह भी पढ़ेंः भारतीय सेना ने पूरी की बड़े युद्ध की तैयारी! खुद बना रहे 90 प्रतिशत गोला-बारूद, जानें पूरा अपडेट