नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा में भारी हंगामे के बीच सीएम पलानीसामी ने विश्वास मत जीता. 122 विधायकों ने पलानीसामी का समर्थन किया. तमिलनाडु विधानसभा में आज गुप्त मतदान को लेकर भारी हंगामा हुआ है. विधायकों ने स्पीकर पी. धनपाल से जमकर धक्कामुक्की की. विधायक उनकी कुर्सी पर भी जा बैठे. बाद में मार्शल्स ने स्पीकर को सुरक्षित बाहर निकाला. स्पीकर को डीएमके विधायकों को बाहर करने के लिए असेंबली कैम्पस में पुलिस बुलानी पड़ी. डीएमके के विधायक कु का सेल्वम विरोध प्रदर्शन करते हुए स्पीकर की कुर्सी पर जा बैठे. नए सीएम ई. पलानीस्वामी ने वोट ऑफ कॉन्फिडेंस मोशन पेश किया, विधायक गुप्त मतदान की मांग पर अड़ गए हंगामा करने लगे, कागज फेंके माइक तोड़ा. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीसामी के लिए आज बहुत बड़ा दिन था. आज विधानसभा में उन्हें बहुमत साबित करना था.सदन के अंदर भारी हंगामे को देखते हुए विधानसभा को तीन बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा.
तमिलनाडु विधानसभा में आज विश्वास मत के लिए गुप्त मतदान कराने की मांग को लेकर द्रमुक विधायकों ने जोरदार हंगामा किया और अध्यक्ष पी धनपाल का घेराव किया, जिसके बाद मार्शल अध्यक्ष को अपने घेरे में सुरक्षित बाहर ले गये. इस पूरी अफरा तफरी में सदन की कार्यवाही बाधित हो गई . भारी हंगामे के बीच द्रमुक सदस्यों ने सदन की कार्यवाही को स्थगित करने की मांग की ताकि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में वापस जाकर मतदान करने से पहले लोगों की राय जान सकें. हंगामे के दौरान जैसे ही धनपाल को धक्का दिया गया उसी समय सदन में मौजूद मार्शल ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया और उन्हें सुरक्षित बाहर ले गये. यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि सदन को स्थगित किया गया है या नहीं. विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों ने अध्यक्ष को उनके उंचे आसन से उतरने में मदद की. इसके बाद जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो फिर ऐसे ही दृश्य देखने को मिले और गुप्त मतदान कराने की द्रमुक सदस्यों की मांग जारी रही. अध्यक्ष ने उनकी मांग खारिज करते हुये कहा कि गुप्त मतदान के लिए कोई प्रावधान नहीं है और उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए कहा. मुख्यमंत्री ने इसके बाद प्रस्ताव पेश किया जिसपर सदन में फिर हंगामा शुरू हो गया और अध्यक्ष को द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर ले जाने का आदेश देना पड़ा लेकिन जैसे ही सदन के मार्शल द्रमुक विधायकों को बाहर ले जाने लगे तो धनपाल यह कहते हुये सदन से निकल गये कि कार्यवाही दोपहर तीन बजे फिर शुरू होगी. इससे पहले मुख्यमंत्री इदापड्डी पलानीस्वामी द्वारा लाये गये अहम विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुयी तो विपक्षी सदस्यों और ओ पनीरसेल्वम के खेमे ने गुप्त मतदान कराने की मांग उठाई.LIVE UPDATES:
- डीएमके अध्यक्ष स्टालिन ने कहा- विश्वास मत में हिस्सा ना ले पाएं इसलिए पुलिस ने हमें जबरदस्ती विधानसभा से निकाला. हम अपने विधायकों के साथ राज्यपाल से मिलने जा रहे हैं और इसकी शिकायत दर्ज कराएंगे.
- डीएमके विधायकों ने विधानसभा से बाहर जाने से इंकार किया. भारी हंगामे के बाद विधानसभा तीन बजे तक के लिए स्थगित
- स्पीकर ने पुलिस से हंगामा कर रहे डीएमके विधायकों को विधानसभा से बाहर निकालने के आदेश दिए.
- स्पीकर पी. धनपाल ने डीएमके विधायकों से कहा- आप लोगों ने मेरे कपड़े फाड़ दिए और मुझे बेइज्जत किया, मैं सिर्फ कानून का पालन कर रहा हूं
- तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही शुरू, स्पीकर ने आज हंगामे पर दुख व्यक्त किया.
- हंगाने के दौरान घायल हुए अधिकारी को हॉस्पिटल ले जाया गया
- भारी हंगामे के बाद तमिलनाडु विधानसभा एक बजे तक के लिए स्थगित
- विधासभा में भारी हंगामा. डीएमके विधायकों ने गुप्त मतदान कराने के लिए नारेबाजी की. विधायकों ने कुर्सियां तोड़ी, माइक्रोफोन फेंके. कागज और डॉक्युमेंट्स फाड़कर फेके.
- इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी गुप्त मतदान की मांग की
- तमिलनाडु विधानसभा में भारी हंगामा. बहुमत परीक्षण के दौरान कवरेज के लिए प्रेस रूम में जो ऑडियो स्पीकर लगाए गए थे उन्हें डिसकनेक्ट किया गया.
- स्पीकर ने कहा- बहुमत परीक्षण कैसे कराना है मेरे इस निर्णय पर कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.
- कांग्रेस ने भी बहुमत परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान की मांग की.
- पन्नीरसेल्वम ने गुप्त मतदान कराए जाने की मांग की.
- पन्नीरसेल्वम ने कहा- पहले लोगों की बातों को सुनना चाहिए तब फ्लोर टेस्ट होना चाहिए. विधायकों को समय देना चाहिए कि वो अपने विधानसभा क्षेत्र में जाकर लोगों की बात सुनें.
- फ्लोर टेस्ट किसी और दिन कराने की डीएमकी की मांग को स्पीकर ने खारिज किया.
- डीएमके नेता एमके स्टालिन ने कहा- फ्लोर टेस्ट किसी और दिन होना चाहिए. जब गवर्नर ने 15 दिनों का समय दिया है तो इतनी जल्दबाजी क्यों?
- विधानसभा में विश्वासमत पर वोटिंग शुरू हुई. पन्नीरसेल्वम का समर्थन करने वाले AIADMK विधायकों ने गुप्त मतदान कराने के लिए नारे लगाए.
AIDMK ने सेनगोट्टायन को सदन में पार्टी का नेता चुना
इस बीच एआईएडीएमके ने के ए सेनगोट्टायन को सदन में पार्टी का नेता नामित किया है. जयललिता ने जुलाई 2012 में सेनगोट्टायन को राजस्व मंत्री के पद से हटा दिया था.
